Motor Vehicles Act: किसी भी राज्य का ड्राइविंग लाइसेंस अब पूरे देश में मान्य, केंद्र व बिहार सरकार ने जारी किए सख्त आदेश
यदि आपका ड्राइविंग लाइसेंस किसी अन्य राज्य का है, तो अब दूसरे राज्य में गाड़ी चलाने पर पुलिस या जांच अधिकारी परेशान नहीं कर सकेंगे। केंद्र (MoRTH) और बिहार सरकार ने धारा 13 का हवाला देते हुए सभी DTOs को कड़े अनुपालन के निर्देश दिए हैं। पूरी खबर पढ़े
केंद्र सरकार के संज्ञान में यह बात आई थी कि कई राज्यों में प्रवर्तन एजेंसियां (Enforcement Agencies/पुलिस/परिवहन जांच दल) ड्राइवरों से उसी राज्य का ड्राइविंग लाइसेंस मांगने पर अड़ जाती हैं जहाँ वाहन चलाया जा रहा है। यदि चालक के पास किसी अन्य राज्य का वैध DL होता था, तो उस पर कार्रवाई की जाती थी या परेशान किया जाता था। इस अनुचित कार्रवाई पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निदेशक (MVL) अंकित दुगड़ ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और परिवहन आयुक्तों को स्पष्ट एडवाइजरी जारी की है।
कानून और मोटर वाहन अधिनियम का हवाला
केंद्र सरकार ने अपने पत्र में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (Motor Vehicles Act, 1988) का स्पष्ट उल्लेख किया है। धारा 13 (Section 13) के प्रावधान के तहत मोटर वाहन चलाने के लिए जारी किया गया लर्नर लाइसेंस (Learner's Licence) या वैध ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) पूरे भारत में समान रूप से प्रभावी और मान्य होगा। संपूर्ण देश में वैधता के लिहाज से देश के किसी भी सक्षम प्राधिकारी (Licensing Authority) द्वारा जारी किया गया ड्राइविंग लाइसेंस पूरे भारत में मान्य है और चालक को संबंधित श्रेणी के वाहन चलाने का पूर्ण अधिकार देता है।
बिहार में तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश
केंद्र सरकार के द्वारा जारी एक आदेश पर संज्ञान लेते हुए बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने भी त्वरित कार्रवाई की है। इस सन्दर्भ में बिहार परिवहन विभाग की विशेष कार्य पदाधिकारी अरुणा कुमारी ने पत्र के माध्यम से राज्य के सभी जिला परिवहन अधिकारियों (DTOs) को निर्देश जारी किए हैं। ज़ारी आदेश के अनुसार सभी जिलों के परिवहन अधिकारियों को केंद्र सरकार के इस निर्देश का नियमानुसार कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
आम जनता और चालकों को क्या होगा फायदा
अब पुलिस या परिवहन जांच अधिकारी दूसरे राज्यों के वैध लाइसेंसधारकों को केवल राज्य अलग होने के आधार पर परेशान नहीं कर सकेंगे। अंतर्राज्यीय (Inter-state) परिवहन में लगे ट्रक, बस और कमर्शियल चालकों को अब दूसरे राज्यों में बार-बार लाइसेंस संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी। जो लोग एक राज्य से दूसरे राज्य में काम या पढ़ाई के सिलसिले में रहते हैं, उन्हें अपना पुराना लाइसेंस ट्रांसफर कराने की तात्कालिक बाध्यता नहीं रहेगी।
निष्कर्ष और प्रशासनिक प्रभाव
इस महत्वपूर्ण निर्देश के बाद देश भर में वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है और क्षेत्रीय बाधाओं के नाम पर होने वाले उत्पीड़न पर लगाम लगेगी। केंद्र और राज्य सरकारों के इस तालमेल से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी तथा सड़क परिवहन सुगम और सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा।
पटना से धीरज पराशर की रिपोर्ट