EOU का बड़ा प्रहार: निलंबित DSP की एक और काली संपत्ति उजागर, बंगाल में मिला 'पाप की कमाई' का ठिकाना

आय से अधिक संपत्ति मामले में निलंबित DSP गौतम कुमार की सिलीगुड़ी स्थित बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है। ईओयू ने उनकी महिला मित्र के नाम पर दर्ज मकान पर छापेमारी की है।

Patna - बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति के आरोपों में घिरे निलंबित डीएसपी गौतम कुमार की एक और बेनामी संपत्ति का पता चला है। ईओयू की जांच में यह बात सामने आई है कि पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में स्थित एक आलीशान दो मंजिला मकान गौतम कुमार ने अपनी महिला मित्र शगुफ्ता शमीम के नाम पर ले रखा था। विशेष निगरानी कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में टीम ने वहां छापेमारी की है।

सिलीगुड़ी में महिला मित्र के नाम पर निवेश

ईओयू की छानबीन में यह तथ्य स्पष्ट हुआ है कि भले ही सिलीगुड़ी के इस मकान के कागजात शगुफ्ता शमीम के नाम पर हैं, लेकिन इसका वास्तविक मालिकाना हक गौतम कुमार के पास ही है। जांच टीम के अनुसार, इस दो मंजिला मकान की रजिस्ट्री पिछले साल 10 जुलाई, 2025 को बागडोगरा निबंधन कार्यालय में कराई गई थी। छापेमारी के दौरान टीम को कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज और जानकारियां मिली हैं, जिनका फिलहाल सत्यापन किया जा रहा है।

किशनगंज कार्यकाल के दौरान बनाई अकूत संपत्ति

गौतम कुमार जब किशनगंज के एसडीपीओ (SDPO) के पद पर तैनात थे, तभी ईओयू ने उनके ठिकानों पर पहली बार छापेमारी की थी। उस दौरान जांच में ढाई दर्जन से अधिक जमीन और मकान के दस्तावेज बरामद हुए थे। इतना ही नहीं, पश्चिम बंगाल में उनके नाम पर चाय बागान होने की जानकारी भी मिली थी। इन्हीं संपत्तियों के सत्यापन के लिए ईओयू की टीम पिछले करीब एक सप्ताह से पूर्णिया और किशनगंज के इलाकों में कैंप कर रही है। गंभीर आरोपों के मद्देनजर गृह विभाग पहले ही गौतम कुमार को निलंबित कर चुका है।

पूछताछ का दौर जारी: शुक्रवार को फिर पेशी

भ्रष्टाचार के इस मामले में ईओयू की टीम ने सोमवार को निलंबित डीएसपी से लंबी पूछताछ की। इस दौरान कई नई जानकारियां विभाग के हाथ लगी हैं। ईओयू ने अब उन्हें दोबारा शुक्रवार को पूछताछ के लिए तलब किया है। माना जा रहा है कि नई बेनामी संपत्तियों के खुलासे के बाद गौतम कुमार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। जांच टीम इन सभी निवेशों के वित्तीय स्रोत (Financial Source) का पता लगाने में जुटी है।

डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार से भी साढ़े चार घंटे पूछताछ

ईओयू कार्यालय में बुधवार को एक और बड़ी कार्रवाई देखने को मिली, जहाँ सहरसा के डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार से करीब साढ़े चार घंटे तक पूछताछ की गई। एसपी के नेतृत्व में हुई इस पूछताछ में वैभव से पटना और मुजफ्फरपुर में मिली संपत्तियों के अलावा डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से खोले गए आईटीआई (ITI) संस्थान के बारे में सवाल पूछे गए। वैभव ने कुछ सवालों के जवाब दिए और कुछ के लिए समय मांगा है, जिसके बाद उन्हें अगले मंगलवार को फिर से बुलाया गया है।