हाईटेक हुई बिहार बोर्ड की परीक्षा: 28 लाख परीक्षार्थियों पर 'मोबाइल ऐप' से नजर, गड़बड़ी करने वालों की अब खैर नहीं

बिहार बोर्ड ने इंटर-मैट्रिक परीक्षा की निगरानी के लिए 'एग्जामिनेशन मोबाइल ऐप' विकसित किया है। ऐप के जरिए अनुपस्थिति और निष्कासन की रियल-टाइम रिपोर्ट सीधे बोर्ड मुख्यालय को भेजी जाएगी।

Patna - बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इस वर्ष इंटर और मैट्रिक की वार्षिक परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और कदाचारमुक्त बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया है। बोर्ड ने एक विशेष 'एग्जामिनेशन मोबाइल ऐप' विकसित किया है, जिसके माध्यम से राज्य के हजारों परीक्षा केंद्रों की वास्तविक समय (Real-time) में मॉनिटरिंग की जाएगी। 

ऐप के जरिए मुख्यालय को मिलेगी 'खैरियत रिपोर्ट'

इस नई डिजिटल व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए नामित कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये कर्मी अपने मोबाइल में ऐप डाउनलोड रखेंगे और परीक्षा शुरू होने से लेकर समाप्ति तक की हर गतिविधि की रिपोर्ट सीधे बोर्ड को भेजेंगे। इस ऐप के माध्यम से परीक्षार्थियों की अनुपस्थिति, निष्कासन, सामग्रियों के उपयोग और प्रवेश पत्र में फोटो संबंधी त्रुटियों का डेटा तुरंत साझा किया जाएगा। इसे बोर्ड ने 'खैरियत रिपोर्ट' का नाम दिया है, जो केंद्र के माहौल की जानकारी देगी। 

28 लाख से अधिक परीक्षार्थियों के लिए बनाए गए हजारों केंद्र

राज्यभर में इस बार परीक्षाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं:

  • मैट्रिक परीक्षा: राज्य में कुल 1699 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 15,12,963 परीक्षार्थी शामिल होंगे। यह परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी तक आयोजित होगी।

  • इंटर परीक्षा: इसके लिए 1762 केंद्र निर्धारित हैं, जहाँ 13,17,846 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इंटर की परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी के बीच संचालित होगी।

  • जिला स्तर: केवल पटना जिले में मैट्रिक के लिए 70 और इंटर के लिए 84 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। 



  • मैदान में उतरेंगे उड़नदस्ता पदाधिकारी

परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए बोर्ड ने उड़नदस्ता (Flying Squad) पदाधिकारियों की भी नियुक्ति की है। विभिन्न डायट (DIET) के व्याख्याताओं को इस जिम्मेदारी के लिए नामित किया गया है, जो 31 जनवरी को अपने आवंटित जिलों के लिए प्रस्थान करेंगे। ये पदाधिकारी परीक्षा समाप्ति तक जिलों में कैंप करेंगे और केंद्रों पर औचक निरीक्षण कर सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। 

अपर मुख्य सचिव और बोर्ड अध्यक्ष का निर्देश

परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा हाल ही में शिक्षा विभाग के सभागार में आयोजित बैठक में की गई। 22 जनवरी को हुई इस बैठक में अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने सभी अधिकारियों को कदाचारमुक्त परीक्षा संपन्न कराने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।