Bihar Police Encounter : सुबह सुबह पटना पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, सुबोध सिंह के गुर्गे 'नीतीश' को पुलिस ने किया ढेर, बड़ी साजिश नाकाम
Bihar Police Encounter : राजधानी पटना से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। मिली जानकारी अनुसार सुबह सुबह पटना पुलिस और कुख्यात के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में कुख्यात के पैर में गोली लगी है।
Bihar Police Encounter : बिहार की राजधानी पटना से इस वक्त की बड़ खबर सामने आ रही है। सुबह सुबह पटना पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुआ है। मुठभेड़ में कुख्यात आरोपी अमित कुमार के पैर में गोली लगी है। इसके बाद को इलाजरत है। जानकारी अनुसार पटना में एक बड़ी आपराधिक साजिश को अंजाम देने पहुंचा था जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। पीरबहोर थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव और पीएमसीएच के आसपास कड़ी निगरानी के बाद कुख्यात अपराधी सुबोध सिंह के करीबी गुर्गे अमित कुमार उर्फ नीतीश को हिरासत में लिया गया है। मुठभेड़ में कुख्यात के पैर में गोली लगी है।
तात्या की हत्या की रची थी साजिश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जेल में बंद कुख्यात अपराधी सुबोध सिंह के इशारे पर कोर्ट पेशी के दौरान रौशन उर्फ तात्या की हत्या की साजिश रची गई थी। सूचना मिली थी कि पेशी के बहाने पीएमसीएच आने के दौरान मरीन ड्राइव इलाके में वारदात को अंजाम देने की योजना थी।
पहले भी कर चुका है कोशिश
पटना पुलिस की डीआईयू टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके में जाल बिछाया। बताया जा रहा है कि अमित हाल ही में पटना सिविल कोर्ट में पेशी के दौरान पीयूष नामक व्यक्ति के साथ मिलकर रौशन तात्या पर हमला करने की नीयत से पहुंचा था, लेकिन पुलिस की सक्रियता से वारदात टल गई।
वैशाली का रहने वाला है नीतीश
अमित उर्फ नीतीश मूल रूप से वैशाली जिले का रहने वाला है और लंबे समय से अपराध जगत से जुड़ा रहा है। पुलिस का ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ अभियान फिलहाल जारी है, जिसके तहत सुबोध सिंह गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। राजधानी में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को लेकर पुलिस सतर्क है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है।
कोर्ट परिसर में साजिश से जुड़ा मामला
पुलिस के अनुसार 28 जनवरी को पटना सिविल कोर्ट परिसर में वैशाली निवासी पीयूष को हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने खुलासा किया था कि वह अमित उर्फ मालदा के साथ मिलकर कोर्ट में पेशी पर लाए गए कुख्यात अपराधी रौशन उर्फ तात्या की हत्या की साजिश रच रहा था। रौशन का संबंध सोना लुटेरा गिरोह के सरगना सुबोध सिंह से बताया जाता है, जो फिलहाल पुरुलिया जेल में बंद है। पीयूष की गिरफ्तारी के बाद अमित फरार हो गया था। रविवार को गुप्त सूचना मिली कि वह पीएमसीएच के पास किसी बड़ी वारदात की फिराक में घूम रहा है। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की, लेकिन भनक लगते ही वह मरीन ड्राइव की ओर भागने लगा और पीछा कर रही टीम पर फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई में लगी गोली
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक फायरिंग के दौरान एक क्षण ऐसा भी आया जब पुलिसकर्मी का पिस्टल कॉक हो गया, लेकिन दूसरे जवान की गोली अमित के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा और पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि जरा सी चूक बड़ी घटना का कारण बन सकती थी। अमित उर्फ मालदा पर हत्या, सोना लूट समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उससे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित साजिशों के बारे में जानकारी जुटा रही है। राजधानी में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के बीच पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पटना से अनिल की रिपोर्ट