Bihar News : BESO के पूर्व महासचिव ने इंजीनियरिंग कॉलेजों में 76 नए पदों के सृजन का किया स्वागत, कहा 'एकेडमीशियन के साथ इंडस्ट्री के अनुभवी इंजीनियरों की भी हो बहाली
Bihar News : बिहार अभियंत्रण सेवा संघ के पूर्व महासचिव डॉ सुनील कुमार चौधरी ने अभियंत्रण महाविद्यालयों के शिक्षक भर्ती में इंडस्ट्री के अभियंताओं को प्राथमिकता देने की मांग की.....पढ़िए आगे
PATNA : बिहार अभियंत्रण सेवा संघ के पूर्व महासचिव एवं इण्डियन इंजीनियर्स फेडरेशन (पूर्व) के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ सुनील कुमार चौधरी ने इन्जीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने एवं 76 नए शैक्षणिक पदों के सृजन की मंजूरी देने के सरकार के निर्णय को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र मे स्वागत योग्य क्रान्तिकारी कदम बताया है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार का यह फैसला राज्य में तकनीकी शिक्षा को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
उन्होंने आगे बताया कि बिहार के इन्जीनियरिंग कॉलेजों में एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रोफेसर की भारी कमी है। ऐसे में इन पदों पर केवल एकेडमीशियन जिन्हें केवल सैद्धांतिक ज्ञान में महारत हासिल होती है, की बहाली न कर इण्डस्ट्री के अनुभवी अभियंताओ की भी बहाली करना जरूरी है ताकि इन्जीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य का निर्माण हो सके।
कहा की एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रोफेसर के पदों पर इंडस्ट्री के अनुभवी अभियंताओं की बहाली करने से छात्रों को सैद्धांतिक के साथ -साथ व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा। जिससे डिग्री प्राप्त करने के बाद नौकरी ढूंढने में कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही नौकरी देने वाले उद्यमी भी पैदा होंगे। जिससे तकनीकी क्षेत्र में बेरोजगारी की समस्या पर काबू पाया जा सकेगा एवं सरकार पर नौकरी देने का दबाव घटेगा। इसके लिए एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रोफेसर के पदों पर भर्ती प्रक्रिया के नियमों जैसे रिसर्च पब्लिकेसन की अनिवार्यता,किसी खास पद पर एक खास अवधि का अनुभव की अनिवार्यता आदि को शिथिल करना पड़ेगा।
ज्ञातव्य हो कि राज्य एवं देश के विकास को गति देने में अभियंताओ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में अगर इण्डस्ट्री की अपेक्षा के अनुरूप इन्जीनियर पैदा करना चाहते हैं, तकनीकी क्षेत्र में बेरोजगारी दूर करना चाहते हैं तथा विकसित राज्य एवं देश का निर्माण करना चाहते हैं तो एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रोफेसर के पदों पर शिक्षक नियुक्ति नियमावली में संशोधन कर इण्डस्ट्री के अनुभवी अभियंताओ को अनुभव के आधार पर एक्स्ट्रा वेटेज देना होगा। ताकि इन्जीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षण कार्यों मे अनुभवी अभियंताओ की सहभागिता बढ़े।