पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का कांग्रेस पर तीखा हमला, पी. चिदंबरम के बयान को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के कथित तौर पर खुद को "दिमागी रूप से नक्सल" बताने वाले बयान को लेकर घमासान मचा है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उनके बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है...

चिदंबरम के बयान पर घमासान- फोटो : नरोत्तम कुमार

Patna : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम पर जोरदार राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से दिए गए भाषण का हवाला देते हुए कहा कि पीएम मोदी ने देश के सामने 'विकसित भारत' का एक स्पष्ट ब्लू प्रिंट पेश किया। इस दौरान उन्होंने देश से नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में सरकार को मिली बड़ी सफलताओं का भी विशेष रूप से उल्लेख किया।


'दिमागी नक्सलबयान पर छिड़ा संग्रामएसी कमरों से फंडिंग का आरोप 

मीडिया से बातचीत के दौरान रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने कथित तौर पर खुद को "दिमागी रूप से नक्सल" बताया था। भाजपा सांसद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'दिमागी नक्सल' या अर्बन नक्सल वे लोग होते हैं जो दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े महानगरों के वातानुकूलित (एसी) कमरों में बैठकर देश विरोधी ताकतों और नक्सलवाद को वैचारिक समर्थन के साथ-साथ वित्तीय सहायता (फंडिंग) मुहैया कराते हैं।


छत्तीसगढ़ में बदले हालात का जिक्रहिंसा फैलाने वालों पर कड़ा एक्शन 

छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब वहां चुनाव प्रचार करना भी बेहद जोखिम भरा और मुश्किल होता था। लेकिन आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। जो लोग निर्दोष नागरिकों की हत्या करते थे और आतंक का माहौल बनाते थे, उन्हें सरकार ने कड़े कदमों से नेस्तनाबूद कर दिया है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति देश का गृह मंत्री रह चुका हो और हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट का वरिष्ठ वकील हो, यदि वह ऐसी भाषा बोले तो यह अत्यंत चिंताजनक है।


कांग्रेस के इकोसिस्टम और यूपीए सरकार की कार्यशैली पर खड़े किए सवाल 

रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी का पूरा ईकोसिस्टम माओवादियों और नक्सलवादी ताकतों का परोक्ष रूप से समर्थन करता रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि देश के गृह मंत्री पद पर रह चुका व्यक्ति इस तरह के विचार रखेगा, तो डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल में आंतरिक सुरक्षा के फैसले कैसे लिए जाते होंगे और सरकार वास्तव में कैसे काम करती होगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।


370 हटाने का जिक्र कर मोदी सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति को सराहा 

कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा की बात करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि जब यूपीए सरकार सत्ता में थी, तब कश्मीर समेत देश के अन्य संवेदनशील हिस्सों की स्थिति काफी खराब थी। वर्तमान सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने साहस दिखाते हुए अनुच्छेद 370 (Article 370) को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता से खिलवाड़ करने वाली ऐसी मानसिकता का पुरजोर विरोध किया जाएगा।


नरोत्तम की रिपोर्ट