बिहार में नई सरकार का यह है फॉर्मूला, इन्हें बनाया जाएगा डिप्टी सीएम, भाजपा-जदयू से मंत्री की संख्या भी फाइनल !

बिहार में नई सरकार में कौन उप मुख्यमंत्री होगा और किन्हें मंत्री बनाया जाएगा इसे लेकर तमाम मुद्दों पर आम सहमति बनाने के लिए कवायद शुरू हो गई है.

Formula for the new government in Bihar - फोटो : news4nation

Bihar News : नीतीश कुमार के बाद बिहार में बनने वाली नई सरकार में कितने मंत्री होंगे और कौन कौन इस सरकार में अहम पदों पर रहेंगे इसे लेकर अंतिम रूप देने की कवायद शुरू हो गई है।  बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद हलचल तेज हो गई है। राज्य में नई सरकार के गठन और अगले मुख्यमंत्री को लेकर सियासी अटकलें तेज हैं। इसी बीच स्थिति पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री ने शुक्रवार शाम 5 बजे अपने आवास पर जदयू की अहम बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में बिहार में बनने वाली नई सरकार की रूपरेखा, मुख्यमंत्री के नाम और मंत्रिमंडल के स्वरूप पर चर्चा हो सकती है। 


राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर भी चर्चा तेज है कि नई सरकार में उप मुख्यमंत्री पद को लेकर बदलाव हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक नई विधानसभा में दो के बजाय एक ही डिप्टी सीएम रखने पर विचार किया जा रहा है। इस बीच यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार को उप मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि इस पर अभी आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर अटकलें तेज हैं।


नाराजगी पर होगी चर्चा

नीतीश सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने शुक्रर को कहा कि शाम 5 बजे बैठक बुलाई गई है। बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा होगी। विधायकों के मत क्या हैं। साथ ही अन्य सभी मसलों पर बैठक में विस्तार से बात होगी। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से जदयू के एक वर्ग में नारजगी पर उन्होंने कहा कि इन सभी बातों पर बैठक में चर्चा होगी। 

जदयू से 15 मंत्री

सूत्रों के अनुसार नई सरकार में जदयू कोटे से करीब 15 मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। माना जा रहा है कि शाम को होने वाली बैठक में नीतीश कुमार पार्टी नेताओं और विधायकों के साथ इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि इसी तरह भाजपा से भी 15 मंत्री होंगे। वहीं लोजपा और हम से एक -एक को मंत्री बनाया जाएगा।


बिहार पर रहेगी नजर 

बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री अपने राज्यसभा जाने के फैसले को भी पार्टी नेताओं के सामने स्पष्ट करेंगे और उन्हें भरोसा दिलाने की कोशिश करेंगे कि भले ही वे संसद के उच्च सदन में जा रहे हैं, लेकिन बिहार की राजनीति और सरकार की गतिविधियों पर उनकी नजर बनी रहेगी। नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है और अब सबकी नजर शाम को होने वाली जदयू की इस अहम बैठक पर टिकी हुई है।