नई सरकार बने चार दिन हुए एनडीए में खींचतान जारी, सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने में जुटी : शक्ति सिंह यादव

Bihar Politics : बिहार की नई सम्राट सरकार पर विपक्ष ने अंदरुनी खींचतान का आरोप लगाया है। वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी तीखा प्रहार किया है। पढ़िए पूरी खबर....

विपक्ष पर बरसे शक्ति सिंह यादव- फोटो : रंजन कुमार

Patna : बिहार की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। विपक्ष राजद ने एनडीए के अंदर भारी खींचतान की बात की है। खासकर राजद ने जदयू पर निशाना साधा है। राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि नई सरकार बने अभी महज चार दिन हुए हैं और जदयू की छटपटाहट साफ दिखने लगी है। हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई डीएम-एसपी की समीक्षा बैठक का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इसमें दोनों उपमुख्यमंत्रियों को "कूड़ेदान के कागज" के समान तवज्जो दी गई, जो उनकी राजनीतिक स्थिति और 'औकात' को दर्शाती है।


कैबिनेट विस्तार मे देरी से बीजेपी मे बेचैनी : शक्ति सिंह यादव

शक्ति सिंह यादव ने कहा कि राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी को लेकर भाजपा खेमे में बेचैनी है। सूत्रों के अनुसार, इसी 'छटपटाहट' के बीच दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से गुहार लगाई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने सम्राट चौधरी को तलब किया। बताया जा रहा है कि बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट लहजे में कहा कि वे जो भी कर रहे हैं, वह "ऊपर के आदेश" पर आधारित है। वहीं, सम्राट चौधरी ने खुद को भाजपा का सिपाही बताते हुए संगठन की नीति और आदेश के पालन की बात दोहराई है।


उन्होंने सम्राट चौधरी पर 'जलेबी छाप' होने का तंज कसते हुए उनकी हालिया प्रेस वार्ता पर सवाल खड़े किए। शक्ति सिंह यादव ने कहा कि नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्षों में नफरत के जो बीज बोए थे, वे अब विशाल पेड़ बन चुके हैं। आरोप लगाया गया कि राज्य में दलितों को महादलितों से लड़ाया गया और अल्पसंख्यकों के बीच 'पसमांदा' के नाम पर दरार पैदा की गई। अब सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए आनन-फानन में प्रेस वार्ताएं कर रही है।


सरकार के बहुचर्चित 'ट्रिपल सी' (Crime, Corruption, Communalism) फॉर्मूले पर प्रहार करते हुए इस नया अर्थ दिया। उन्होंने कहा कि अब सरकार का SOP बदल गया है, जिसमें पहला C 'चेयर' (कुर्सी), दूसरा 'क्राइम' और तीसरा 'करप्शन' बन गया है। इसके साथ ही बिहार के खजाने की वर्तमान स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की गई है ताकि जनता को राज्य की असली वित्तीय हालत का पता चल सके।


बिहार में लंठई से नहीं चलेगा 

अंत में, विपक्षी खेमे ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि "बिहार लंठई से नहीं चलेगा।" उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में भाजपा जदयू का वह हश्र करेगी जिसकी कल्पना भी नहीं की गई है। सरकार के भीतर का विरोधाभास और शीर्ष नेतृत्व के बीच संवादहीनता यह संकेत दे रही है कि एनडीए का यह नया गठबंधन अंदरूनी कलह से जूझ रहा है, जिसका खामियाजा बिहार की जनता को भुगतना पड़ रहा है।


रंजन की रिपोर्ट