पटना में एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, गिरोह के 7 सदस्यों को पुलिस ने दबोचा

पटना पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के 7 सदस्यों को धर दबोचा है। सबसे बड़ी बात यह है कि पकड़े गए 7 शातिरो में 4 नाबालिग शामिल हैं.....

एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा- फोटो : अनिल कुमार

Patna : राजधानी पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत 90 फीट रोड स्थित विजयनगर टीओपी के पास से पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में कुल 7 सदस्यों को हिरासत में लिया है, जिनमें नाबालिग शामिल हैं। अभियुक्तों के पास से विभिन्न बैंकों के 7 फर्जी/दूसरे लोगों के नाम वाले एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं।


सघन वाहन जांच के दौरान हत्थे चढ़े आरोपी 

पटना सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) मनोज कुमार ने बताया कि 5 अक्टूबर की रात पत्रकार नगर इलाके में पुलिस द्वारा सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस टीम की नजर एक टोटो (ई-रिक्शा) पर सवार कुछ युवकों पर पड़ी। चेकिंग देख युवक भागने लगे, जिन्हें पुलिस ने घेराबंदी कर खदेड़कर पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से विभिन्न बैंकों के अन्य व्यक्तियों के एटीएम कार्ड मिले, जिससे पुलिस का संदेह गहरा गया।


मदद के बहाने ध्यान भटकाकर बदलते थे कार्ड 

पूछताछ में आरोपियों ने ठगी के तरीके का खुलासा किया। गिरोह के सदस्य एटीएम बूथ के अंदर पहले से मौजूद रहते थे। बुजुर्गों या अनजान ग्राहकों को पैसे निकालने में मदद करने का झांसा देकर वे उनका ध्यान भटकाते और चालाकी से कार्ड बदल लेते थे। इस दौरान वे चुपके से ग्राहक का गुप्त पिन (PIN) नंबर भी देख लेते थे।


पैसे निकालने वालों को मिलता था 2 से 5 हजार का कमीशन 

गिरोह में सभी सदस्यों की भूमिका पहले से तय थी। फर्जी कार्ड और पिन मिलने के बाद गिरोह के अन्य सदस्य दूसरे एटीएम से पैसे निकालने का काम करते थे। प्रत्येक सफल निकासी पर कैश निकालने वाले सदस्यों को ₹2,000 से ₹5,000 तक का मोटा कमीशन दिया जाता था।


निशानदेही पर 2 अन्य गिरफ्तार, प्राथमिकी दर्ज 

शुरुआत में पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के 2 अन्य सदस्यों को भी चोरी के एटीएम कार्ड के साथ दबोच लिया। मामले में पत्रकार नगर थाने में प्राथमिकी संख्या 448/26 (दिनांक 5 अक्टूबर 2026) दर्ज की गई है। चारों नाबालिगों को निरुद्ध कर बाल सुधार गृह भेजा जा रहा है, जबकि पुलिस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।


अनिल की रिपोर्ट