पटना में उच्चतम स्तर के नए रिकॉर्ड पर गंगा, अगले तीन दिन 6 जिलों में इन इलाकों में बरपाएगी कहर
जल संसाधन विभाग के अनुसार रविवार को सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर पटना के दीघा घाट पर 51.99 मीटर, गाँधीघाट पर 50.56 मीटर और मोकामा के हाथिदाह में 43.50 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। तीनों स्टेशनों पर यह उच्चतम बाढ़ स्तर है
Bihar Flood : जल संसाधन विभाग ने गंगा नदी के जलस्तर के उच्चतम बाढ़ स्तर पर पहुंचने के बाद रविवार को चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि एवं पटना के गांधी घाट पर जलस्तर के उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level) को पार करने के बाद अब पानी का दबाव डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहेगा। इसका प्रभाव अगले 1 से 3 दिनों तक हाथीदह एवं उसके बाद के डाउनस्ट्रीम गेज स्टेशनों पर देखने को मिल सकता है तथा यह हाथीदाह में पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर सकता है। इससे बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार जिले के गंगा के किनारे वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई गई है।
गंगा के जलस्तर का रिकॉर्ड
जल संसाधन विभाग के अनुसार रविवार को सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर पटना के दीघा घाट पर 51.99 मीटर, गाँधीघाट पर 50.56 मीटर और मोकामा के हाथिदाह में 43.50 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। तीनों स्टेशनों पर यह उच्चतम बाढ़ स्तर है यानी अब तक कभी भी गंगा इतने जलस्तर तक नहीं पहुंची थी।
विभाग ने पटना के गांधी घाट पर बढ़े हुए जलस्तर की लहर के डाउनस्ट्रीम की ओर बढ़ने को देखते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं क्षेत्रीय अधिकारियों को सतर्क रहने तथा जलस्तर की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। इसका असर अब पटना के करीब 100 किलोमीटर दूर मोकामा के पास हाथिदाह रिकॉर्ड जल स्तर के साथ दिखेगा।
बड़ी चेतावनी
गंगा में लगातार हो रहे जलस्तर वृद्धि को देखते हुए नदी के जलस्तर, तटबंधों, संवेदनशील स्थलों एवं निचले इलाकों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता के अनुसार एहतियाती उपाय पहले से करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित विभागीय एवं क्षेत्रीय अभियंताओं को बाढ़ नियंत्रण से संबंधित सभी संसाधनों एवं मशीनरी को तैयार स्थिति में रखने को कहा गया है।
साथ ही संबंधित क्षेत्र को लोगों को भी अनावश्यक नदी के निकट नहीं जाने तथा सतर्क और सुरक्षित रहने का सुझाव दिया गया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा नावों के परिचालन पर निगरानी रखने, ओवरलोडिंग को रोकने तथा लोगों को निरंतर सूचना उपलब्ध कराते हुए जागरूक रखने का परामर्श दिया जाता है।
बिहार में बैराजों से जल बहाव की स्थिति
6 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे के आंकड़ों के अनुसार बिहार के प्रमुख बैराजों से पानी का बहाव अलग-अलग स्थिति में है। इंद्रपुरी सोन बैराज से 2,17,596 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और यहां जल बहाव लगातार घट रहा है। वहीं बीरपुर कोसी बैराज से 1,69,255 क्यूसेक तथा वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 1,29,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। दोनों बैराजों में जल बहाव की स्थिति स्थिर (Steady) बताई गई है। तीनों प्रमुख बैराजों से कुल मिलाकर करीब 5.16 लाख क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया है। हाल के दिनों में बिहार की प्रमुख नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए बैराजों के बहाव पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। चूकी इन तीनों बैराजों का पानी गंगा में मिलता है तो इनके जलस्तर में कमी आने से गंगा के जलस्तर के कमने की उम्मीद है।