बिहार में गंगा का रौद्र रूप अब होगा शांत! अगले 48 घंटों में यहाँ कम होगा बाढ़ का पानी, सोन-गंडक भी होगी शांत

रविवार सुबह 8 बजे पटना के दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर 51.99 मीटर, गांधी घाट पर 50.56 मीटर और हाथीदह में 43.50 मीटर दर्ज किया गया। इन तीनों स्थानों पर दर्ज जलस्तर संबंधित स्टेशनों के अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर पर है जिसमे अब कमी आ सकती है

Ganga Water Level to Fall Soon in Bihar - फोटो : news4nation

Ganga Water Level : बिहार में गंगा नदी का रौद्र रूप अब जल्द शांत होने की संभावना है। जल संसाधन विभाग के अनुमानों के अनुसार पटना समेत राज्य के गंगा प्रवाह क्षेत्र में आने वाले जिलों के लिए राहत की बड़ी संभावना हो सकती है। विभाग के मुताबिक पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर इस समय उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) पर पहुंच चुका है, लेकिन फिलहाल यहां जलस्तर स्थिर बना हुआ है। अगले 24 घंटे में इसमें कमी आ सकती है। यदि जलस्तर में गिरावट का यह सिलसिला बना रहता है तो गंगा के किनारे बसे जिलों को भी आने वाले दिनों में राहत मिल सकती है।


रविवार सुबह 8 बजे के आंकड़ों के अनुसार पटना के दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर 51.99 मीटर, गांधी घाट पर 50.56 मीटर और हाथीदह में 43.50 मीटर दर्ज किया गया। विभाग के अनुसार इन तीनों स्थानों पर दर्ज जलस्तर संबंधित स्टेशनों के अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level) के बराबर है। हालांकि गांधी घाट पर जलस्तर के स्थिर होने और अगले 24 घंटे में इसमें कमी की संभावना से बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।


बैराजों से भी घट रहा पानी, गंगा में कमी की उम्मीद

बिहार की प्रमुख नदियों पर बने बैराजों से पानी के बहाव की स्थिति भी आने वाले समय में गंगा के लिए राहत का संकेत दे रही है। 6 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे के आंकड़ों के मुताबिक इंद्रपुरी सोन बैराज से 2,17,596 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और यहां जल बहाव लगातार घट रहा है। वहीं बीरपुर कोसी बैराज से 1,69,255 क्यूसेक तथा वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 1,29,000 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया है। इन दोनों बैराजों पर जल बहाव फिलहाल स्थिर बताया गया है।


तीनों प्रमुख बैराजों से कुल मिलाकर करीब 5.16 लाख क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया है। चूंकि सोन, कोसी और गंडक का पानी आगे चलकर गंगा में मिलता है, इसलिए इन बैराजों से पानी के बहाव में कमी आने पर आने वाले दिनों में गंगा के जलस्तर पर भी इसका असर पड़ने की उम्मीद है। इससे गंगा के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ के दबाव में कमी आ सकती है।


हाथीदह और डाउनस्ट्रीम इलाकों पर अभी नजर

हालांकि पटना में गंगा का जलस्तर स्थिर होने और कमी की संभावना के बावजूद जल संसाधन विभाग ने डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अनुसार गांधी घाट पर बढ़े जलस्तर की लहर अब धीरे-धीरे डाउनस्ट्रीम की ओर बढ़ रही है। इसका प्रभाव अगले 1 से 3 दिनों के दौरान हाथीदह और उसके बाद के डाउनस्ट्रीम गेज स्टेशनों पर देखने को मिल सकता है। विभाग ने संभावना जताई है कि हाथीदह में गंगा का जलस्तर पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर को भी पार कर सकता है। ऐसे में बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।


तटबंध और निचले इलाकों की निगरानी के निर्देश

गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने संबंधित अधिकारियों और क्षेत्रीय पदाधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। नदी के जलस्तर के साथ-साथ तटबंधों, संवेदनशील स्थानों और निचले इलाकों पर भी विशेष नजर रखने को कहा गया है। किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए एहतियाती उपाय पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।


नावों के परिचालन में भी सावधानी

विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से गंगा और अन्य नदियों के करीब न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें। स्थानीय प्रशासन को नावों के परिचालन पर नजर रखने, ओवरलोडिंग रोकने और लोगों तक लगातार जरूरी सूचनाएं पहुंचाने की सलाह दी गई है।