NEET Re-Exam 2026 : गोल इंस्टीट्यूट के एमडी बिपिन सिंह ने दिए सफलता के मंत्र, कहा- 'अनुमान से उत्तर देने से बचें, नेगेटिव मार्किंग बिगाड़ सकती है रैंक'

NEET Re-Exam 2026 : री-नीट परीक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच बढ़ती उत्सुकता और तनाव के बीच देश के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान 'गोल इंस्टीट्यूट' के MD बिपिन सिंह ने बड़ा मार्गदर्शन दिया है।

बिपिन सिंह ने दिए सफलता के मंत्र- फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : री-नीट परीक्षा को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच बढ़ती उत्सुकता के बीच GOAL Institute के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक बिपिन सिंह ने विद्यार्थियों को परीक्षा दिवस एवं परीक्षा कक्ष में अपनाई जाने वाली महत्वपूर्ण रणनीतियों के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि “री-नीट केवल ज्ञान की परीक्षा नहीं है, बल्कि यह मानसिक संतुलन, धैर्य, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास की भी परीक्षा है। अंतिम सफलता उसी छात्र को मिलती है जो परीक्षा के दिन अपने मन और भावनाओं पर नियंत्रण बनाए रखता है।”

सिंह ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि परीक्षा से पूर्व रात में कम से कम 7–8 घंटे की पर्याप्त नींद अवश्य लें तथा सुबह किसी भी प्रकार की नई पढ़ाई या नए टॉपिक की शुरुआत न करें। उन्होंने कहा कि छात्रों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से काफी पहले पहुंचना चाहिए ताकि किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न न हो। परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने के बाद अन्य विद्यार्थियों की चर्चा, अनुमानित कटऑफ या कठिन प्रश्नों की बातों से स्वयं को पूरी तरह दूर रखें।

परीक्षा कक्ष के लिए विशेष सुझाव देते हुए सिंह ने कहा कि प्रश्नपत्र प्राप्त होने के बाद सबसे पहले पूरे मन को शांत रखें और प्रत्येक प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़ें। जिन प्रश्नों पर पूर्ण विश्वास हो उन्हें पहले हल करें। किसी एक कठिन प्रश्न पर अनावश्यक समय न गंवाएं। समय प्रबंधन ही उच्च स्कोर का सबसे बड़ा आधार है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि यदि किसी प्रश्न का उत्तर स्पष्ट न हो तो केवल अनुमान के आधार पर उत्तर अंकित करने से बचें। नकारात्मक अंकन (Negative Marking) अंतिम रैंक को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।

सिंह ने आगे कहा कि “परीक्षा के दौरान यदि कोई कठिन प्रश्न या अपरिचित सेक्शन सामने आ जाए तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। याद रखें कि वही प्रश्न आपके प्रतिस्पर्धियों के लिए भी उतने ही कठिन हैं। ऐसे समय में मानसिक स्थिरता ही सबसे बड़ी शक्ति बनती है।” अभिभावकों के लिए संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षा के दिन बच्चों पर अतिरिक्त दबाव न बनाएं। उनकी तुलना किसी अन्य छात्र से न करें और न ही बार-बार परिणाम या रैंक की चर्चा करें। बच्चों को सकारात्मक ऊर्जा, भावनात्मक समर्थन और आत्मविश्वास प्रदान करें। परीक्षा केंद्र तक का वातावरण जितना शांत और सकारात्मक होगा, विद्यार्थी का प्रदर्शन उतना ही बेहतर होगा। अंत में बिपिन सिंह ने कहा, “आज का दिन केवल एक परीक्षा का दिन नहीं है, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन, त्याग और सपनों को साकार करने का अवसर है। स्वयं पर विश्वास रखिए, ईश्वर पर भरोसा रखिए और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा कक्ष में प्रवेश कीजिए। सफलता निश्चित रूप से आपके कदम चूमेगी।”