Cabinet Decision : बिहार के सरकारी कर्मियों और पेंशनभोगियों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा, हर महीने देने होंगे इतने रूपये
Cabinet Decision : सम्राट कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य सरकार के कर्मियों और उनके परिवार वालों के लिए 'कैशलेस इलाज' की सुविधा को मंजूरी दे दी गई है। लेकिन.....
PATNA : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने सरकारी कर्मियों और उनके परिवार वालों को कैशलेस इलाज कराने का बड़ा तोहफा दिया है। इस नई सुविधा के दायरे में विधानमंडल के वर्तमान एवं पूर्व सदस्यों के अलावा सभी स्तर के सरकारी पदाधिकारी या कर्मी, पेंशनधारी और उनके आश्रित तथा पारिवारिक पेंशन का लाभ उठाने वाले आएंगे। इसमें अखिल भारतीय सेवा के सेवारत एवं सेवानिवृत पदाधिकारियों तथा उनके आश्रित को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बुधवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में 27 एजेंडों पर मुहर लगी। इस बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में जानकारी दी।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इस बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना के अधीन किसी भी अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने वालों को इसका लाभ मिलेगा। इनके लिए अब चिकित्सा कराना आसान और सुविधाजनक हो जाएगा। कैबिनेट की मुहर लगने के बाद स्वास्थ्य विभाग इससे संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कितनी राशि तक का इलाज मुफ्त होगा या मुफ्त इलाज में राशि की कोई सीमा नहीं होगी। इन तथ्यों का विस्तार से विवरण स्वास्थ्य विभाग के स्तर से जारी दिशा-निर्देश में होगा। इस योजना के तहत सभी कर्मियों और इसके दायरे में आने वाले अन्य सभी लोगों को एक कैशलेस इलाज से संबंधित एक कार्ड बनाकर दिया जाएगा।
साथ ही राज्य और देश के सभी प्रमुख अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि इस कैशलेस कार्ड को दिखाकर कोई व्यक्ति अपना इलाज बिना कोई राशि खर्च किए आसानी से करवा सकें। राज्य कर्मियों को प्रत्येक महीने एक हजार रुपये मेडिकल भत्ता मिलता है, उसमें 900 रुपये की कटौती प्रत्येक महीने की जाएगी। मौजूदा व्यवस्था के तहत सरकारी कर्मियों के लिए कैशलेस इलाज की एक सीमित दायरे में व्यवस्था है। इनके लिए एक निश्चित राशि तक की प्रतिपूर्ति राशि के जरिए चिकित्सा कराने की सुविधा है। परंतु नई व्यवस्था में पूरी तरह से कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
कैबिनेट की बैठक में बिहार सचिवालय लिपिकीय सेवा (संशोधन) नियमावली, 2026 में तीन संशोधन पर अनुमति मिली है। इसके तहत केंद्रीय सचिवालय लिपिकीय सेवा की तर्ज पर बिहार सचिवालय लिपिकीय सेवा के निम्नवर्गीय लिपिक एवं उच्चवर्गीय लिपिक का पदनाम कनीय सचिवालय सहायक और वरीय वरीय सचिवालय सहायक के तौर पर कर दिया गया है। इसके अलावा कार्यालय परिचारी या परिचारी (विशिष्ट) को 15 प्रतिशत के स्थान पर 25 प्रतिशत कनीय सचिवालय सहायक के पदों पर प्रोन्नति से भरने का प्रावधान कर दिया गया है। तीसरा संशोधन के तहत कनीय सचिवालय सहायक के पद पर नियुक्ति के बाद परिवीक्षा अवधि दो वर्ष के स्थान पर 1 वर्ष किया जाता है।