Bihar Politics: सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया तो...जदयू नेता श्रवण कुमार ने बुलडोजर एक्शन पर दिया बड़ा बयान

Bihar Politics: सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों पर सरकार बड़ी कार्रवाई कर रही है। जिसको लेकर श्रवण कुमार ने बड़ा बयान दिया है। साथ ही उन्होंने निशांत कुमार की यात्रा को लेकर भी बयान दिया है।

बुलडोजर एक्शन पर बयान- फोटो : reporter

Bihar Politics: बिहार की नई सम्राट सरकार इन दिनों एक्शन में है। सीएम सम्राट एक के बाद एक नए आदेश दे रहे हैं। साथ ही प्रशासनिक फेरबदल भी की जा रही है। इसी बीच जदयू विधानमंडल दल के नेता श्रवण कुमार ने बिहार की मौजूदा राजनीतिक गतिविधियों और प्रशासनिक फैसलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। साथ ही उन्होंने बताया कि निशांत कुमार 3 मई से पश्चिम चंपारण से अपनी यात्रा की शुरुआत करेंगे।

महात्मा गांधी की कर्मभूमि से शुरु होगी यात्रा 

श्रवण कुमार ने कहा कि निशांत की यह यात्रा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कर्मभूमि से शुरू होगी और पूरे बिहार में आयोजित की जाएगी। उन्होंने इसे संगठन को मजबूत करने और जनता से जुड़ने का प्रयास बताया। निशांत भी कई बार दावा कर चुके हैं कि पहले वो यात्रा कर पूरे बिहार में दौरा करेंगे, लोगों से मिलेंगे और जमीन स्तर पर सभी से जुड़ेंगे। इस दौरे पर वो नीतीश कुमार के द्वारा किए गए कामों को भी लोगों के बीच रखेंगे।    

प्रशासनिक फेरबदल पर क्या बोले

राज्य में बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों के तबादलों को लेकर उन्होंने कहा कि प्रशासनिक फेरबदल एक नियमित प्रक्रिया है। नियमों के तहत कोई भी अधिकारी एक ही स्थान पर तीन साल से अधिक नहीं रह सकता। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री समय-समय पर समीक्षा करते हैं और कामकाज को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तबादले किए जाते हैं।

बुलडोजर एक्शन पर बड़ा बयान 

सरकार द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर श्रवण कुमार ने कहा कि यह कोई नई प्रक्रिया नहीं है। जो लोग सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए हैं। उनके खिलाफ पहले भी कानून के अनुसार कार्रवाई होती रही है और आगे भी होती रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कानून के दायरे में रहकर ही कदम उठा रही है।

तेजस्वी यादव के बयान पर टिप्पणी

वहीं तेजस्वी यादव के पश्चिम बंगाल चुनाव में दिए जा रहे बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रवण कुमार ने कहा कि अलग-अलग राज्यों की अपनी संस्कृति और खानपान की परंपराएं होती हैं। अगर कोई व्यक्ति वहां के स्थानीय भोजन को अपनाता है, तो यह अच्छी बात है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए।

पटना से नरोत्तम की रिपोर्ट