आम महोत्सव-2026 का भव्य आगाज : कृषि मंत्री ने कहा-बिहार बनेगा कृषि निर्यात का हब, आम और लीची की विदेशों में बढ़ी मांग

राजधानी पटना के बामेती परिसर में कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'आम महोत्सव-2026' का आज भव्य शुभारंभ हुआ। इस मौके पर कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार के आम की मिठास अब विदेश में धूम मचा रहा है....

पटना में आम महोत्सव-2026 का भव्य आगाज- फोटो : वंदना शर्मा

Patna : बिहार के फलों को वैश्विक पहचान दिलाने और किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ी छलांग लगाई है। राजधानी पटना के बामेती परिसर में कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 'आम महोत्सव-2026' का आज भव्य शुभारंभ हुआ। इस मौके पर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एलान किया कि बिहार के जर्दालु, बम्बइया और प्रसिद्ध दूधिया मालदह आम की मिठास अब सात समंदर पार दुबई और अमेरिका तक पहुंच चुकी है। केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार बिहार को 'कृषि निर्यात का हब' बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिसके तहत राज्य की पहली कृषि उत्पाद निर्यात नीति (Agri Export Policy) भी जल्द लागू की जाएगी।


वैश्विक बाजार में बिहार का डंका, भारी मात्रा में हो रहा निर्यात

कृषि मंत्री ने निर्यात के आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि बिहार से फलों और उपजों का अंतरराष्ट्रीय व्यापार तेजी से बढ़ रहा है। बीते 12 जून को बिहार से 19 मीट्रिक टन जर्दालु, बम्बइया और दूधिया मालदह आम से भरे दो कंटेनर दुबई भेजे गए हैं, जबकि 5 अन्य कंटेनर जल्द ही रवाना होने वाले हैं। इसके अलावा, बांका जिले से विशेष रूप से 8.5 मीट्रिक टन दूधिया मालदह और जीआई टैग प्राप्त जर्दालु आम का निर्यात अमेरिका किया गया है। सिर्फ आम ही नहीं, बल्कि बिहार से 10 मीट्रिक टन शाही लीची भी दुबई भेजी गई है। वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई तकनीक की बदौलत अब लीची को 45 दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है, जिसने निर्यात की राह को और आसान बना दिया है।


बागवानी बनी किसानों का 'एटीएम', बिचौलियों का खेल होगा खत्म

विश्व के कुल आम उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी 40 से 45 प्रतिशत है, जिसमें बिहार अपनी खास भूमिका निभा रहा है। कृषि मंत्री ने बागवानी, फल और फूलों की खेती को किसानों के लिए "एटीएम" (ATM) बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र अन्नदाताओं को सालभर कमाई का स्थायी जरिया देता है। उन्होंने बताया कि बिहटा स्थित 'एक्सपोर्ट पैक हाउस' को सभी जरूरी लाइसेंस और क्लीयरेंस मिल चुके हैं और राज्य में एपीडा (APEDA) का कार्यालय भी काम कर रहा है। सरकार अब एक ऐसी मजबूत व्यवस्था बना रही है जिससे किसानों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँच मिले और बिचौलियों का हस्तक्षेप पूरी तरह समाप्त हो जाए।


आम महोत्सव में पहली बार AI तकनीक का लाइव प्रदर्शन

इस वर्ष आयोजित हो रहा आम महोत्सव कई मायनों में बेहद आधुनिक और अनूठा है। महोत्सव में पहली बार आम के पौधों को कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) आधारित तकनीक का लाइव प्रदर्शन किया जा रहा है। इस एआई तकनीक की मदद से किसान भाई अपनी फसलों में लगने वाले रोगों की समय रहते पहचान कर उसका सही उपचार कर सकेंगे। इसके अलावा, तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में आम की सैकड़ों किस्मों की प्रदर्शनी के साथ-साथ बच्चों के लिए आम खाने की प्रतियोगिता, युवाओं के लिए ज्ञानवर्धक सत्र और किसानों के लिए उन्नत कृषि तकनीकों की पाठशाला लगाई जा रही है।


प्राकृतिक खेती की ओर लौटें किसान, रसायनों से खराब हो रही मिठास

कृषि मंत्री ने मृदा स्वास्थ्य (Soil Health) और पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की भावुक अपील की। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि आम का बगीचा प्राकृतिक खेती का सबसे बेहतरीन उदाहरण रहा है। पुराने समय में जब किसी भी रासायनिक खाद का उपयोग नहीं होता था, तब आम का स्वाद एक अलग ही मिठास से भरा होता था, लेकिन आज अंधाधुंध खादों के इस्तेमाल ने आम का मूल स्वाद खराब कर दिया है। आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध भविष्य देने के लिए हमें रासायनिक खेती पर अपनी निर्भरता को कम करना ही होगा।


कृषि रोडमैप से तरक्की की राह पर बिहार

समारोह को संबोधित करते हुए फुलवारी शरीफ के विधायक श्री श्याम रजक ने कहा कि बिहार अपने 'कृषि रोडमैप' की बदौलत कृषि के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वहीं, बिहार किसान आयोग के अध्यक्ष श्री रूप नारायण मेहता ने दीघा के प्रसिद्ध मालदह और सीपिया आम के संरक्षण व संवर्धन के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान बढ़ाने पर बल दिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल, विशेष सचिव श्री वीरेंद्र प्रसाद यादव, कृषि निदेशक श्री सौरभ सुमन यादव, उद्यान निदेशक श्री अभिषेक कुमार के साथ-साथ पद्मश्री से सम्मानित किसान चाची और सुधा वर्गीज सहित हजारों की संख्या में प्रगतिशील किसान और आम लोग उपस्थित रहे।

वंदना की रिपोर्ट