Bihar Politics: तेज प्रताप यादव का नाम सुनते ही तेजस्वी यादव ने जोड़े हाथ, कहा- उनका बात हमसे...
Bihar Politics: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना एयरपोर्ट पर तेज प्रताप यादव का नाम सुनते ही हाथ जोड़ लिया। तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी बातें हमसे नहीं पूछिए...बता दें कि हाल ही में तेज प्रताप के राजद के जयचंदों के नामों का खुलासा किया.,
Bihar Politics: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मंगलवार को दिल्ली से पटना लौटे। पटना एयरपोर्ट पर तेजस्वी यादव व्हील चेयर पर नजर आएं। बता दें 25 जनवरी को तेजस्वी के पैर के नाखुन में चोट लगी थी जिसके बाद वो ठीक से चल नहीं पा रहे है। सदन की कार्यवाही के दौरान भी तेजस्वी व्हील चेयर पर दिखाइ दिए थें। वहीं पटना एयरपोर्ट पर तेजस्वी ने मीडिया कर्मियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सीएम नीतीश को लेकर बड़ा हमला बोला। वहीं जब तेजस्वी ने तेज प्रताप यादव को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने हाथ जोड़ लिया।
तेजस्वी ने जोड़ा हाथ
दरअसल, तेजस्वी से पूछा गया कि आपके भाई तेज प्रताप यादव ने राजद के पांच जयचंदों का खुलासा किया है तो तेजस्वी ने सवाल सुनते ही हाथ जोड़ लिया और कहा कि भाई उनकी बात हमसे मत पूछिए....। बता दें कि तेज प्रताप ने रविवार रात पटना में मीडिया से बात करते हुए राजद में शामिल पांच जयचंदों के नामों का खुलासा किया था। तेज प्रताप ने बिना लाग-लपेट के राजद के पांच नेताओं का नाम बताया। जिसमें मुकेश रौशन, संजय यादव, रमीज खान, शक्ति सिंह और सुनील सिंह शामिल है। उनके मुताबिक यही वो लोग हैं, जो पीठ पीछे छुरा घोंपने वाले जयचंद हैं।
मेरा खिलाफ हो रहा साजिश
तेज प्रताप ने कहा कि छात्र राजद के कुछ युवा कार्यकर्ता इन जयचंदों के कहने पर सोशल मीडिया पर गाली-गलौज और चरित्र हनन में लगे रहे। “पिछले कुछ महीनों से जो कुछ भी मेरे खिलाफ चलाया गया, वो सब झूठ का पुलिंदा था,” तेज प्रताप ने तल्ख लहजे में कहा। उनके मुताबिक यह पूरी कवायद उनकी सियासी साख गिराने और उन्हें किनारे लगाने के लिए रची गई साजिश थी।
सीएम नीतीश पर बोला हमला
तेजस्वी यादव ने पटना एयरपोर्ट पर सीएम नीतीश को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश बीमारी से ग्रसित हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी बीमारी पर कोई टिप्पणी नहीं है लेकिन उम्र बढ़ने पर बीमारी आना स्वाभाविक है, लेकिन सदन में मुख्यमंत्री का माइक बंद कर दिया जाना और उन्हें बोलने नहीं दिया जाना यह दिखाता है कि सरकार कहीं और से गाइड हो रही है और मुख्यमंत्री कमजोर स्थिति में हैं।