Bihar Hol 2026: बिहार में होली पर हाई अलर्ट, पटना समेत पूरे सूबे में 30 हजार अतिरिक्त पुलिस तैनात, हुड़दंगियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
Bihar Hol 2026: रंगों के त्योहार होली को लेकर पटना समेत पूरे बिहार में सुरक्षा का जबरदस्त बंदोबस्त किया गया है।...
Bihar Hol 2026: रंगों के त्योहार होली को लेकर पटना समेत पूरे बिहार में सुरक्षा का जबरदस्त बंदोबस्त किया गया है। इस बार होली और रमजान एक साथ पड़ने से प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और चौकन्ना है। शांति व्यवस्था में जरा सी भी खलल डालने वालों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। इस सिलसिले में मुख्य सचिव और डीजीपी ने सभी जिलों के डीएम और एसपी को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
बिहार पुलिस मुख्यालय के एडीजी (विधि व्यवस्था) पंकज दराद ने बताया कि राज्यभर में जिला मुख्यालय से लेकर अनुमंडल स्तर तक क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) तैनात रहेगी। बी-सैप, आरपीएफ और अर्द्धसैनिक बलों के साथ करीब 30 हजार अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। वज्र वाहन, वाटर कैनन और लाठी बल को भी रणनीतिक रूप से लगाया गया है, ताकि किसी भी आपात हालात से फौरन निपटा जा सके।
प्रशासन की सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फरवरी से अब तक 1.33 लाख लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं सीसीए की धारा-3 के तहत 265 लोगों को जिला बदर करने का प्रस्ताव संबंधित डीएम को भेजा गया है। साफ संदेश है अमन में खलल डालने वालों के लिए कोई रियायत नहीं।
एडीजी ने स्पष्ट किया कि तेज आवाज में डीजे बजाने और खासकर अश्लील गाने चलाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट या अफवाह फैलाने की कोशिश पर तत्काल सख्त कार्रवाई होगी।
पिछले साल होली के दौरान 50 घटनाएं दर्ज हुई थीं, जिनमें रोहतास में 12, नवादा में 7, पटना में 6 और अन्य जिलों में घटनाएं सामने आई थीं। इस बार उन संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
झूमटा जुलूस की परंपरा को देखते हुए गया, नवादा और अरवल जैसे जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। सभी थानों को जुलूस के रूट का भौतिक सत्यापन कर ही लाइसेंस जारी करने का आदेश दिया गया है। बिना लाइसेंस कोई जुलूस नहीं निकलेगा।पुलिस ने पंचायत प्रतिनिधियों और आम अवाम से भी अपील की है कि भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाएं, ताकि होली का रंग खुशियों से सराबोर रहे, न कि फसाद से।