Bihar Politics : मंत्री संतोष कुमार सुमन ने की बड़ी मांग, कहा कौटिल्य नगर आवास समिति आवंटन की हो उच्चस्तरीय जांच

Bihar Politics : मंत्री संतोष सुमन ने बिहार सरकार से मांग करते हुए कहा की कौटिल्य नगर आवास समिति से जुड़े पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए.......पढ़िए आगे

उच्चस्तरीय जांच की मांग - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार सरकार के मंत्री और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संतोष कुमार सुमन ने कहा की दिवंगत सुशील कुमार मोदी ने अपनी पुस्तक लालू लीला और अनेक प्रेस वार्ताओं में विधायक सहकारी आवास समिति के प्लॉटों के आवंटन को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि प्लॉट संख्या 207, 208, 209, 210 एवं 211 के आवंटन और हस्तांतरण में नियमों की अनदेखी की गई तथा एक ही परिवार के प्रभाव में कई प्लॉट आ गए। इन आरोपों की चर्चा वर्षों तक होती रही, लेकिन लालू परिवार ने आज तक इन सभी आरोपों का बिंदुवार और दस्तावेज़ों के साथ जवाब नहीं दिया। सुमन ने कहा की इतना ही नहीं, सुशील कुमार मोदी ने यह भी आरोप लगाया था कि सामुदायिक भवन (कम्युनिटी हॉल) के लिए आरक्षित भूमि का हस्तांतरण भी नियमों के विपरीत किया गया और उस संबंध में साधु यादव का नाम भी सार्वजनिक रूप से सामने आया। यदि ये आरोप पूरी तरह निराधार थे तो उनका तथ्यात्मक खंडन क्यों नहीं किया गया? और यदि इनमें सच्चाई थी, तो आज तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

उन्होंने बिहार सरकार से मांग करते हुए कहा की कौटिल्य नगर आवास समिति से जुड़े पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए। यह स्पष्ट किया जाए कि प्लॉटों का आवंटन किन नियमों के तहत हुआ, किन-किन स्तरों पर परिवर्तन किए गए, सामुदायिक भवन के लिए आरक्षित भूमि का क्या हुआ और यदि उसका हस्तांतरण किसी निजी व्यक्ति के पक्ष में हुआ तो किसके आदेश से और किस कानूनी प्रक्रिया के तहत हुआ। यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ राजनीतिक बयानबाजी का विषय नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति, कानून के शासन और लोकतांत्रिक जवाबदेही का प्रश्न है। बिहार की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि जिन आरोपों ने वर्षों तक राजनीतिक विमर्श को प्रभावित किया, उनका सच क्या है। यदि सब कुछ नियमों के अनुसार हुआ है, तो जांच से किसी को डरने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। लेकिन यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो चाहे वह कितना ही प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। बिहार अब जवाब चाहता है। पारदर्शिता और जवाबदेही ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।

वहीँ मंत्री संतोष सुमन ने कहा की गयाजी जिले के बाँकेबाजार में मासूम बच्चियों के साथ हुई जघन्य घटना अत्यंत गंभीर एवं निंदनीय है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी रेहान के विरुद्ध विधि-सम्मत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मामले की जांच पूर्ण निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं त्वरित गति से संपन्न की जाए। आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) सहित सभी प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत सशक्त अभियोजन सुनिश्चित करते हुए स्पीडी ट्रायल कराया जाए, ताकि दोषी को कानून के अनुसार कठोरतम दंड दिलाया जा सके। मंत्री ने कहा की यह भी निर्देश दिया गया है कि पीड़ित बच्चियों एवं उनके परिवार को आवश्यक सुरक्षा, चिकित्सीय सहायता, मनोसामाजिक परामर्श तथा शासन द्वारा अनुमन्य सभी प्रकार की सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

संतोष सुमन ने कहा की बिहार सरकार की स्पष्ट नीति है कि महिलाओं एवं बच्चियों के विरुद्ध अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। ऐसे जघन्य अपराधों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने का भी निर्देश दिया गया है। पीड़ित परिवार को त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है।