Bihar Budget Session: फंस गए 'मंत्री जी' ! सदन में कम कीमत में धान बिक्री को लेकर जबरदस्त हंगामा, विपक्ष ने सरकार को घेरा
Bihar Budget Session:
Bihar Budget Session: धान खरीद को लेकर विधानसभा परिषद में जोरदार बहस देखने को मिली। वर्ष 2025 में सरकार द्वारा 2300 रुपये प्रति क्विंटल की दर घोषित किए जाने के बावजूद किसानों को 1800 रुपये प्रति क्विंटल पर धान बेचने की मजबूरी का मुद्दा विपक्ष ने प्रमुखता से उठाया। सौरभ कुमार और सुनील सिंह ने सहकारिता विभाग से सीधा सवाल किया कि जब समर्थन मूल्य तय है, तो किसानों को कम दाम पर धान क्यों बेचना पड़ रहा है? सदन में यह भी आरोप लगाया गया कि केवल 11 प्रतिशत किसानों का ही पंजीकरण हो पाया, जिससे अधिकांश किसान सरकारी खरीद प्रक्रिया से बाहर रह गए।
2026 के लिए लक्ष्य बढ़ाने की मांग
विपक्षी सदस्यों ने वर्ष 2026 में धान अधिप्राप्ति लक्ष्य बढ़ाने की मांग की। इस पर सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 90 प्रतिशत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद की है। उन्होंने बताया कि धान खरीद की अंतिम तिथि 31 मार्च तक बढ़ा दी गई है और लक्ष्य बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
लक्ष्य घटाने पर सवाल
राजद के सुनील सिंह ने सवाल उठाया कि पिछले वर्ष 45 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य था, जिसे इस बार घटाकर 36 लाख मीट्रिक टन क्यों कर दिया गया। उन्होंने खाली बोरों की कीमत को लेकर भी विभाग को घेरा। उनका कहना था कि विभाग दो बोरे की कीमत 25 रुपये तय करता है, जबकि बाजार में यह कीमत 40 रुपये तक है।
FRK का मुद्दा भी गरमाया
चर्चा के दौरान बीजेपी के विधान परिषद सदस्य दिलीप कुमार सिंह ने FRK (फोर्टिफाइड राइस कर्नेल) का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब धान खरीद, वितरण और गुणवत्ता पर चर्चा हो रही है, तो FRK से जुड़े सवालों पर सरकार स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दे रही है। यह किसानों और उपभोक्ताओं दोनों से जुड़ा गंभीर विषय है। वहीं जेडीयू की विधान परिषद सदस्य रेखा कुमारी ने कहा कि उनका सवाल पूछने का अवसर नहीं मिला और सभापति ने समय समाप्त होने की बात कहकर चर्चा समाप्त कर दी। धान खरीद, समर्थन मूल्य, लक्ष्य में कटौती और FRK जैसे मुद्दों पर सदन में तीखी नोकझोंक के बीच सरकार और विपक्ष आमने-सामने नजर आए।
पटना से वदंना की रिपोर्ट