बिहार में सड़क सुरक्षा की बड़ी पहल: 14 हजार नए स्थानों पर बनेंगे जेब्रा क्रॉसिंग
पैदल यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बिहार भर में 14 हजार नए स्थानों पर जेब्रा क्रॉसिंग निर्माण का फैसला लिया है। विकास आयुक्त ने सड़क सुरक्षा परिषद की समीक्षा बैठक के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 30 अप्रैल 2026 की समय सीमा तय की
राज्य सरकार ने पैदल यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बिहार भर में 14 हजार नए स्थानों पर जेब्रा क्रॉसिंग निर्माण का फैसला लिया है। विकास आयुक्त ने सड़क सुरक्षा परिषद की समीक्षा बैठक के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 30 अप्रैल 2026 की समय सीमा तय की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और यातायात को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
विभागवार लक्ष्य और वर्तमान स्थिति
जेब्रा क्रॉसिंग के निर्माण के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण कार्य विभाग सबसे अधिक 12,858, पथ निर्माण विभाग 342 और एनएचएआई (NHAI) 88 नए स्थलों पर निर्माण करेंगे। गौरतलब है कि राज्य में पहले से ही लगभग 9,500 जेब्रा क्रॉसिंग अस्तित्व में हैं, लेकिन नए चिन्हित स्थलों के जुड़ने से पैदल यात्रियों के लिए सड़क पार करना और भी सुरक्षित हो जाएगा।
चिन्हित स्थल और सुरक्षा मानक
विकास आयुक्त ने निर्देश दिया है कि ये जेब्रा क्रॉसिंग विशेष रूप से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स), स्कूलों, अस्पतालों, बाजारों और अधिक भीड़भाड़ वाले प्रमुख चौराहों पर बनाए जाएं। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़कों पर पहला अधिकार पैदल यात्रियों का है, इसलिए जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण मानक के अनुरूप, चौड़ी और स्पष्ट दिखने वाली पेंटिंग के साथ किया जाना अनिवार्य है।
नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही
कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला पदाधिकारियों को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में इसकी नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित विभागों को हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट जमा करनी होगी। परिवहन विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे जेब्रा क्रॉसिंग पर वाहन रोककर पैदल यात्रियों, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को प्राथमिकता दें।