घुसपैठियों पर सर्जिकल स्ट्राइक: गृह विभाग का आदेश, बिहार से बांग्लादेशी और रोहिंग्या होंगे डिपोर्ट

घुसपैठियों पर सर्जिकल स्ट्राइक- फोटो : news 4 nation AI

बांग्लादेश में हुए हालिया सत्ता परिवर्तन और नई सरकार के गठन के बाद भारत सरकार ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से निगरानी बढ़ा दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पूर्व में जारी किए गए आदेशों के आलोक में, बिहार सरकार ने अब अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्याओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना और अवैध घुसपैठ को रोकना है।

प्रशासन को सख्त निर्देश और पत्राचार

इस गंभीर मामले को लेकर बिहार के गृह विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गृह विभाग के अपर सचिव, मो. शादाब मुस्ताक द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए और राज्य के विभिन्न हिस्सों में रह रहे संदिग्ध विदेशी नागरिकों की सूची तैयार की जाए।

पहचान और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया

प्रशासन को उन सभी इलाकों में सघन जांच करने को कहा गया है जहाँ अवैध प्रवासियों के छिपकर रहने की संभावना है। स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र को रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की पहचान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें उनके पहचान पत्रों की जांच और स्थानीय स्तर पर उनके रहने की अवधि का सत्यापन (Verification) शामिल है, ताकि वास्तविक घुसपैठियों को चिन्हित कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सके।

बॉर्डर फोर्स को सौंपने की तैयारी

चिन्हित किए गए अवैध नागरिकों को कानून के दायरे में रखते हुए जल्द ही डिपोर्ट किया जाएगा। योजना के अनुसार, आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद इन बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को क्रमशः बांग्लादेश और म्यांमार की सीमाओं पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हवाले कर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि मानवीय गरिमा का ध्यान रखते हुए इन सभी को उनके मूल देश वापस सुरक्षित भेज दिया जाए।