बिहार में बिजली बिल का नया 'टाइम टेबल': दिन में 20% सस्ती मिलेगी बिजली, जानें कैसे घटाएं अपना खर्च
बिहार में स्मार्ट मीटर और 10KV से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं के लिए ToD टैरिफ लागू। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बिजली 20% सस्ती। पूरी बचत योजना यहाँ पढ़ें।
Patna - : बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है। बिहार विद्युत नियामक आयोग (BERC) ने राज्य की दोनों वितरण कंपनियों, एनबीपीडीसीएल और एसबीपीडीसीएल के लिए 'टाइम ऑफ डे' (ToD) टैरिफ व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है । 18 मार्च 2026 को जारी इस नए टैरिफ आदेश का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को कम कीमत में बिजली उपलब्ध कराना और बिजली की खपत को संतुलित करना है । यह कदम राष्ट्रीय टैरिफ नीति 2016 और विद्युत मंत्रालय के नए नियमों के अनुरूप उठाया गया है ।
क्या है ToD व्यवस्था और कैसे बदलेंगी दरें?
ToD टैरिफ एक ऐसी बिलिंग प्रणाली है जिसमें बिजली की दरें उपयोग के समय के अनुसार बदलती रहती हैं । नई व्यवस्था के तहत सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि (ऑफ-पीक) में बिजली सामान्य दर से 20% सस्ती मिलेगी । वहीं, शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक (पीक अवधि) में मांग अधिक होने के कारण दरें सामान्य से 10% से 20% तक अधिक होंगी । रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक बिजली की सामान्य दरें ही लागू रहेंगी ।
स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को सीधा लाभ
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ राज्य के सभी स्मार्ट प्री-पेड मीटर वाले उपभोक्ताओं को मिलेगा । इसके अलावा, कृषि क्षेत्र को छोड़कर वे सभी उपभोक्ता, जिनकी अनुबंधित मांग 10 किलोवाट (KV) से अधिक है, इस दायरे में आएंगे । वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए 10 केवी से अधिक की मांग पर इसे अनिवार्य कर दिया गया है । स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ता अब 'पीक' और 'ऑफ-पीक' समय के अनुसार अपनी बिजली खपत को मैनेज कर बेहतर लाभ उठा सकेंगे ।
बिना खपत घटाए हर महीने होगी ₹90 तक की बचत
विशेषज्ञों के अनुसार, उपभोक्ताओं को अपना बिजली बिल कम करने के लिए कुल खपत घटाने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें केवल उपयोग का समय बदलना होगा । यदि कोई शहरी घरेलू उपभोक्ता प्रतिदिन मात्र 2 यूनिट बिजली का उपयोग शाम की पीक अवधि से हटाकर दिन की ऑफ-पीक अवधि (सुबह 9 से शाम 5) में करे, तो उसे प्रतिदिन ₹2.96 की बचत होगी । इस प्रकार, महीने भर में लगभग ₹89 तक की बचत बिना किसी परेशानी के संभव है ।
90% घरेलू उपभोक्ताओं का बिल पहले से ही शून्य
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ToD टैरिफ लागू होने से गरीब और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं बढ़ेगा, क्योंकि 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा पहले की तरह जारी है । इस महत्वपूर्ण योजना के कारण बिहार के लगभग 90% घरेलू उपभोक्ताओं का मासिक बिजली बिल पहले से ही शून्य होता है । नई व्यवस्था से केवल उन लोगों को लाभ होगा जो स्मार्ट मीटर का उपयोग कर रहे हैं या जिनका लोड 10 किलोवाट से अधिक है ।
ऊर्जा विभाग की अपील: दिन में करें भारी उपकरणों का उपयोग
ऊर्जा विभाग ने राज्य के उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे ज्यादा बिजली खपत वाले उपकरणों (जैसे मोटर, वाशिंग मशीन, आयरन) का उपयोग दिन के समय करें । चूंकि दिन में सौर ऊर्जा का उत्पादन अधिक होता है, इसलिए दरें कम रखी गई हैं । यह कदम न केवल उपभोक्ताओं का खर्च घटाएगा, बल्कि बिजली व्यवस्था पर दबाव कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा ।