पटना में 75 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद, लकड़ी के बुरादे और प्लाईबोर्ड के पीछे छिपाई गई थी खेप
पटना में मदनिषेध उत्पाद विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध अंग्रेजी शराब के एक विशाल जखीरे को जब्त किया है। तस्करों ने पुलिस और उत्पाद विभाग की आंखों में धूल झोंकने के लिए तस्करी का बेहद शातिराना तरीका अपनाया था....
Patna : बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करों के मंसूबे पस्त होने का नाम नहीं ले रहे हैं। पटना में मदनिषेध उत्पाद विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध अंग्रेजी शराब के एक विशाल जखीरे को जब्त किया है। गुप्त सूचना के आधार पर दीदारगंज फ्लाईओवर के समीप की गई इस छापेमारी में कुल 663 कार्टन अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई है। मदनिषेध विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से शराब तस्करों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
राजस्थान से दरभंगा ले जाई जा रही थी खेप
कार्रवाई के दौरान मौके से एक ट्रक को जब्त किया गया और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार चालक की पहचान राजस्थान के सलूंबर निवासी मोहन लाल जोशी के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान ड्राइवर ने खुलासा किया कि शराब की यह खेप राजस्थान से लोड की गई थी और इसे पटना के रास्ते महात्मा गांधी सेतु होकर दरभंगा में अनलोड किया जाना था। जब्त की गई शराब के कार्टन पर 'फॉर सेल इन पंजाब' अंकित है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 75 लाख रुपये बताई जा रही है।
प्लाईबोर्ड और लोहे के फ्रेम में छिपाकर रखी गई थी शराब
तस्करों ने पुलिस और उत्पाद विभाग की आंखों में धूल झोंकने के लिए तस्करी का बेहद शातिराना तरीका अपनाया था। ट्रक के भीतर लोहे का एक विशेष फ्रेम तैयार किया गया था, जिसे प्लाईबोर्ड से ढककर बीच में लकड़ी के बुरादे की बोरियां रखी गई थीं। इस सुरक्षित संरचना के पीछे शराब के 663 कार्टन छिपाकर लाए जा रहे थे। हालांकि, उत्पाद विभाग की सतर्कता और गुप्त सूचना के सटीक इनपुट ने तस्करों की इस आधुनिक चालाकी का भंडाफोड़ कर दिया।
तस्करों के नेटवर्क की जांच में जुटी टीम
मामले की जानकारी देते हुए मदनिषेध उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त प्रेम प्रकाश ने बताया कि गिरफ्तार चालक से गहन पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि राजस्थान से चले इस ट्रक को बिहार के दरभंगा में डिलीवर किया जाना था। विभाग अब इस अवैध खेप के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज को खंगालने में जुटा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि राजस्थान में इसे किसने लोड कराया था और दरभंगा में कौन सा सिंडिकेट इसे प्राप्त करने वाला था।
शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए छापेमारी तेज
मदनिषेध विभाग की इस सफलता से यह स्पष्ट है कि राज्य में अवैध शराब की अंतरराज्यीय तस्करी पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सहायक आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शराब तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और इस धंधे में शामिल मुख्य सरगनाओं को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीमें सीमावर्ती इलाकों और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर जांच अभियान को और तेज कर रही हैं ताकि ऐसी खेपों को राज्य की सीमा में प्रवेश करने से पहले ही पकड़ा जा सके।
अनिल की रिपोर्ट