नीतीश कैबिनेट का महा-धमाका: 17 एजेंडों पर लगी मुहर, सात समंदर पार भी मौत हुई तो सरकार लाएगी पार्थिव शरीर, सड़क दुर्घटना का मुआवजा दोगुना

बिहार कैबिनेट ने 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिसमें प्रवासी मजदूरों के शवों को सरकारी खर्च पर लाने और दुर्घटना मुआवजे को दोगुना करने जैसे बड़े फैसले शामिल हैं।

PATNA - बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में आज लोक-कल्याण और प्रशासनिक सुधारों को लेकर बड़े फैसले लिए गए हैं। मंत्री श्रवण कुमार के कड़े रुख के बीच सरकार ने 17 महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी देकर यह साफ कर दिया है कि राज्य का विकास और जनता की सुरक्षा ही सर्वोपरि है। 

मृतक मजदूरों के सम्मान में सरकार का बड़ा कदम

कैबिनेट ने प्रवासी मजदूरों के लिए एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब यदि किसी प्रवासी मजदूर की राज्य के बाहर या देश के बाहर मौत होती है, तो उनकी डेड बॉडी को राज्य सरकार अपने खर्च पर बिहार वापस लाएगी। इतना ही नहीं, अगर कोई मजदूर बाहर दुर्घटना का शिकार होता है, तो उसके इलाज का पूरा खर्च भी अब सरकार उठाएगी। यह फैसला उन लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत है जो रोजी-रोटी के लिए पलायन करते हैं। 

सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए मुआवजे में भारी बढ़ोतरी

सड़क हादसों में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए सरकार ने मुआवजे की राशि को दोगुना कर दिया है। अब दुर्घटना के शिकार लोगों को मिलने वाली सरकारी मदद पहले के मुकाबले दोगुनी होगी, जिससे पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल मिल सकेगा। 

जिलों की बैठकों में जनप्रतिनिधियों का बढ़ेगा दबदबा

प्रशासनिक पारदर्शिता लाने के लिए अब जिलों की महत्वपूर्ण बैठकों में सांसद और विधायकों के प्रतिनिधि भी शामिल हो सकेंगे। इस फैसले से नौकरशाही पर लगाम लगेगी और विकास योजनाओं में जनता की आवाज (जनप्रतिनिधियों के माध्यम से) ज्यादा मजबूती से गूंजेगी। नगर परिषद में स्थायी सशक्त समिति को लेकर भी निर्णायक फैसला लिया गया है, जिससे शहरी विकास कार्यों में तेजी आएगी।