Bihar News : पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, विवाहित महिला की मृत्यु के मामले में भाई भी माना जाएगा ‘पीड़ित’, बन सकेगा पक्षकार
Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने अहम् फैसला सुनाया है. जिसमें कहा गया है की विवाहित महिला की मृत्यु के मामले में भाई भी ‘पीड़ित' माना जाएगा.....पढ़िए आगे
PATNA : पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि विवाहित महिला की अस्वाभाविक मृत्यु के मामले में उसका भाई भी विधिक उत्तराधिकारी होने के नाते ‘पीड़ित’ की श्रेणी में आएगा। वह आपराधिक अपील में पक्षकार बन सकता है। जस्टिस विवेक चौधरी एवं जस्टिस डॉ. अंशुमान की खंडपीठ ने क्रिमिनल अपील (डीबी) संख्या 1486/2025 में यह आदेश पारित किया।
ये मामला शेखपुरा थाना कांड संख्या 657/2023 से जुड़ा है। मृतका को गोली लगने से गंभीर चोट आई थी। प्रारंभ में पति मनोज कुमार की ओर से दर्ज प्राथमिकी में धारा 307 आईपीसी व आर्म्स एक्ट की धारा 27 लगाई गई थी। किंतु बाद में मृत्यु होने पर धारा 302 आईपीसी जोड़ दी गई।
पुलिस ने जांच के बाद पति को ही आरोपी मानते हुए आरोप-पत्र दाखिल किया। 8 अगस्त 2025 को ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस दोषसिद्धि के विरुद्ध पति ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। इस अपील में मृतका के भाई ने हस्तक्षेप याचिका दाखिल कर स्वयं को ‘पीड़ित’ बताते हुए पक्षकार बनाए जाने की मांग की।
अपीलकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता अजय कुमार ठाकुर ने इसका विरोध किया। खंडपीठ ने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 15 का हवाला देते हुए हस्तक्षेप याचिका स्वीकार कर भाई को प्रतिवादी संख्या-2 के रूप में जोड़ने का निर्देश दिया तथा मामले की शीघ्र सुनवाई का आदेश दिया।