भारतीय रेलवे से विदा हुई अंग्रेजों की निशानी: रेलमंत्री ने खत्म किया 'काला सूट' ड्रेस कोड, 2026 के लिए लिया '52 सुधारों' का संकल्प
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे से अंग्रेजों के जमाने की पहचान 'बंद गले का काला सूट' खत्म करने का ऐलान किया है। साथ ही, 2026 के लिए '52 हफ्ते-52 सुधार' का संकल्प लेते हुए रेलवे को आधुनिक बनाने का रोडमैप पेश किया है।
New Delhi - रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली में आयोजित 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह के दौरान रेलवे से औपनिवेशिक सोच को पूरी तरह खत्म करने का आह्वान किया। उन्होंने घोषणा की कि अंग्रेजों द्वारा शुरू किया गया 'बंद गले का काला सूट' अब रेलवे का औपचारिक पहनावा नहीं रहेगा। रेलमंत्री के अनुसार, हमें काम करने के तरीके और पहनावे दोनों से गुलामी की मानसिकता को हटाना होगा। यह ड्रेस अब तक निरीक्षण, परेड और विशेष अवसरों पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पहनी जाती थी।
2026 का लक्ष्य: '52 हफ्ते, 52 सुधार'
रेलमंत्री ने वर्ष 2026 के लिए रेलवे के छह बड़े संकल्पों को साझा किया है। इस रणनीति के तहत "52 हफ्ते, 52 सुधार" के लक्ष्य पर काम किया जाएगा, जिसमें सेवा, उत्पादन, निर्माण, अनुरक्षण और यात्री सुविधाओं जैसे हर आयाम में साप्ताहिक आधार पर सुधार किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि नवाचार और आत्मविश्वास के साथ भारतीय रेल 2047 तक 'विकसित भारत' का मजबूत स्तंभ बनेगी।
तकनीक और AI को खुले मन से अपनाने की अपील
रेलवे को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने के लिए नई तकनीकी नीति बनाई जा रही है। मंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नवाचार के माध्यम से पिछले सौ वर्षों की कमी को दूर किया जाएगा। स्टार्टअप्स और तकनीकी विशेषज्ञों को रेलवे से जोड़ने के लिए जल्द ही एक 'इनोवेशन पोर्टल' लॉन्च किया जाएगा, जहाँ समस्याओं के समाधान पेश करने वालों को सीधा अवसर मिलेगा।
नवाचार के लिए पुरस्कार और भारी अनुदान
नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए रेलवे ने निम्नलिखित वित्तीय प्रोत्साहन की घोषणा की है। अगले वर्ष 12 नए पुरस्कार दिए जाएंगे, जिसमें सर्वश्रेष्ठ टीम को 1 लाख रुपये और अन्य को 50 हजार रुपये का नकद इनाम मिलेगा। चुने गए नवाचारों के ट्रायल के लिए रेलवे लागत का 50% वहन करेगा और 1.50 करोड़ रुपये तक का अनुदान देगा। यदि कोई तकनीक सफल साबित होती है, तो उसे अगले चार वर्षों तक सीरीज ऑर्डर भी दिए जाएंगे।
सुरक्षा और अनुरक्षण पर 'जीरो टॉलरेंस'
ट्रैक मेंटेनेंस और यात्री सुरक्षा को लेकर रेलमंत्री ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा पर कठोर फोकस रहेगा और किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। कार्यप्रणाली में बदलाव के साथ-साथ कार्यबल को अधिक सक्षम बनाने के लिए प्रशिक्षण और प्रतिभा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।