Indian Railways: भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला, रात 11 से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्जिंग पर रोक
Indian Railways: अगर आप भारतीय रेलवे से अक्सर रात में सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। ...
Indian Railways: अगर आप भारतीय रेलवे से अक्सर रात में सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल फोन, टैबलेट या पावर बैंक को चार्जिंग पर लगाकर सो जाने की आदत अब परेशानी का सबब बन सकती है। रेलवे बोर्ड ने यात्रियों की हिफाजत और आगजनी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रेन के डिब्बों में लगे मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम
रेलवे बोर्ड के निर्देशों के मुताबिक, रात के इन छह घंटों के दौरान चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के नियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा। संबंधित अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को औचक निरीक्षण करने के साथ-साथ कर्मचारियों की काउंसलिंग और ट्रेनिंग कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस कदम का मकसद सफर के दौरान बिजली से जुड़ी गड़बड़ियों, बैटरी के गर्म होने और आग लगने के खतरे को कम करना है।
पावर बैंक फटने की घटना से बढ़ी चिंता
दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) में चार्जिंग के दौरान एक यात्री का पावर बैंक फटने और उससे धुआं निकलने की घटना ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी। बताया गया कि निर्धारित समय में चार्जिंग पॉइंट बंद नहीं किए गए थे। मुंबई-हावड़ा मेल में भी ऐसी ही घटना सामने आई, जिसके बाद ट्रेन को बांदामुंडा स्टेशन के पास कुछ मिनटों के लिए रोकना पड़ा। ऐसे हादसे सीमित जगह वाले रेल डिब्बों में यात्रियों की जान और माल के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
लिथियम बैटरी में खराबी बन सकती है वजह
पावर बैंक में आम तौर पर लिथियम-आयन या लिथियम-पॉलिमर बैटरी होती हैं। बैटरी खराब होने, क्षतिग्रस्त होने या उसमें आंतरिक शॉर्ट सर्किट होने से तापमान तेजी से बढ़ सकता है। इस स्थिति को ‘थर्मल रनअवे’ कहा जाता है, जिससे धुआं, आग और कुछ मामलों में विस्फोट भी हो सकता है। बिस्तर, तकिए या बंद बैग में रखकर डिवाइस चार्ज करने से गर्मी बाहर निकलने में रुकावट आ सकती है।
यात्रियों को भी बरतनी होगी एहतियात
रेलवे कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि निर्धारित समय में चार्जिंग पॉइंट बंद रहें। वहीं, यात्रियों को भी सही चार्जर और सुरक्षित केबल का इस्तेमाल करना चाहिए। फूले हुए, टूटे या असामान्य रूप से गर्म हो रहे मोबाइल और पावर बैंक को चार्ज करने से बचें। चार्जिंग के दौरान उपकरणों को बिस्तर और तकिए से दूर रखें।रात के समय यात्री गहरी नींद में होते हैं, इसलिए धुएं या आग का पता चलने में देर हो सकती है। ऐसे में रेलवे का यह कदम रेल सफर को अधिक महफूज बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।