रेलवे का 'रिफॉर्म' VIP कोचों से रेल कर्मियों का कोटा खत्म : अब स्टाफ को नहीं मिलेगी AC फर्स्ट और सेकंड में सीट, यात्रियों को मिलेंगे ज्यादा कंफर्म टिकट

भारतीय रेलवे ने यात्रियों की वेटिंग लिस्ट कम करने के लिए स्टाफ कोटे की सीटों में कटौती की है। अब एसी फर्स्ट और सेकंड क्लास में स्टाफ के लिए कोई सीट रिजर्व नहीं होगी, जिससे आम यात्रियों को 4-6 अतिरिक्त सीटें मिलेंगी।

N4N Desk - भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में कन्फर्म टिकटों की भारी किल्लत को दूर करने के लिए एक बड़ा और साहसी कदम उठाया है। रेलवे बोर्ड के नए नियमों के तहत अब ट्रेन स्टाफ के लिए आरक्षित सीटों के कोटे में भारी कटौती की गई है। इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ सामान्य यात्रियों को मिलेगा, क्योंकि अब स्टाफ के हिस्से वाली सीटें भी पब्लिक बुकिंग के लिए उपलब्ध होंगी।

AC फर्स्ट और सेकंड क्लास में अब स्टाफ का कोई कोटा नहीं

रेलवे बोर्ड द्वारा जारी ताजा निर्देशों के अनुसार, अब एसी फर्स्ट (1st AC) और एसी सेकंड क्लास (2nd AC) में रेलवे स्टाफ के लिए कोई भी सीट आरक्षित नहीं रखी जाएगी। अब तक इन प्रीमियम कोचों में स्टाफ के लिए सीटें ब्लॉक रहती थीं, लेकिन अब ये पूरी तरह यात्रियों के लिए खोल दी गई हैं। इस बदलाव से हर ट्रेन में औसतन 4 से 6 अतिरिक्त सीटें यात्रियों को मिल सकेंगी, जिससे वेटिंग लिस्ट कम होने की उम्मीद है।

मेंटेनेंस और सफाई स्टाफ के लिए नए नियम

नए आदेश के मुताबिक, एसी मेंटेनेंस स्टाफ को अब केवल थर्ड एसी (3rd AC) में दो बर्थ दी जाएंगी। यदि ट्रेन 'मिक्स' (एसी और स्लीपर का मिश्रण) है, तो उन्हें स्लीपर क्लास में ही जगह मिलेगी। वहीं, ओबीएचएस (सफाई कर्मचारी) स्टाफ को अब पूरी ट्रेन में बेहतर सेवा देने के लिए अलग-अलग कोचों में 'साइड लोअर' बर्थ आवंटित की जाएगी। इससे वे पूरी ट्रेन में आसानी से आवाजाही कर सकेंगे।

पेंट्री कार और वेंडिंग स्टाफ पर भी सख्ती

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि जिन ट्रेनों में पेंट्री कार की सुविधा उपलब्ध है, वहां वेंडिंग स्टाफ को कोच के भीतर कोई भी अलग सीट नहीं दी जाएगी। उन्हें पेंट्री कार का ही उपयोग करना होगा। इस कदम का उद्देश्य कोच के भीतर यात्रियों के लिए अधिक जगह सुनिश्चित करना और गैलरी में होने वाली भीड़ को कम करना है।

पारदर्शिता और यात्रियों को सीधा लाभ

रेलवे बोर्ड का मानना है कि इस निर्णय से रिजर्वेशन सिस्टम में अधिक पारदर्शिता आएगी। यह नया नियम इसी वित्तीय वर्ष से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगा। यात्रियों को अब प्रीमियम कोचों में सफर करने के लिए अधिक कन्फर्म विकल्प मिलेंगे, जो खासकर त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में एक बड़ी राहत साबित होगा।