बिहार कांग्रेस में अंतर्कलह तेज: आनंद माधव ने प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष पर साधा निशाना
Bihar Politics :बिहार कांग्रेस का अंतर्कलह अब खुलकर सामने आ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद माधव ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और बिहार प्रभारी पर बड़े आरोप लगाए है.....
Patna : बिहार कांग्रेस के वरीय नेता और एआईसीसी सदस्य आनंद माधव ने पार्टी के वर्तमान प्रदेश नेतृत्व और बिहार प्रभारी के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने डॉ. राशिद फाखरी, ओंकारा शक्ति और चंदन सिंह जैसे समर्पित नेताओं के निष्कासन को 'निरंकुश' और 'गलत' करार दिया है। माधव ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बिहार कांग्रेस का वर्तमान प्रशासन पार्टी को 'कांग्रेसी मुक्त' बनाने की राह पर चल पड़ा है और बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू संगठन को एक नेटवर्किंग कंपनी की तरह चला रहे हैं।
प्रभारी की विफलता और नीतिगत अक्षमता पर सवाल
आनंद माधव ने बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू पर सीधा प्रहार करते हुए उन्हें हर मोर्चे पर विफल बताया। उन्होंने कहा कि चाहे विधानसभा चुनाव हो या राज्यसभा चुनाव, प्रभारी अपनी जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं पर थोपकर जवाबदेही से भागते रहे हैं। माधव का आरोप है कि अपनी विफलता छिपाने के लिए सवा साल में दो बार जिला अध्यक्ष बदले गए और टिकट बंटवारे में बाहरी उम्मीदवारों को प्राथमिकता देकर 'लूट' मचाई गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले तीन विधायकों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
'संगठन सृजन' को बताया उगाही का नया नाटक
पार्टी के नए अभियान पर सवाल उठाते हुए आनंद माधव ने 'संगठन सृजन' को कार्यकर्ताओं के साथ एक बड़ा छल और लूट का नया तरीका बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अभियान के नाम पर अवैध उगाही हो रही है और पदों की सूची पहले से ही तय है। इसके अलावा, सदस्यता अभियान की फीस 5 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये किए जाने की भी उन्होंने आलोचना की, जिससे आम कार्यकर्ता आर्थिक बोझ तले दब रहे हैं। उन्होंने इसे एक बड़े घोटाले की आहट करार दिया।
प्रदेश अध्यक्ष को बताया 'कठपुतली'
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम पर टिप्पणी करते हुए माधव ने कहा कि वे प्रभारी कृष्णा अल्लावरू के हाथों की महज एक 'कठपुतली' बनकर रह गए हैं। उनके अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष के पास स्वतंत्र निर्णय लेने की शक्ति नहीं है और वे पूरी तरह प्रभारी के निर्देशों पर काम कर रहे हैं। इस स्थिति को उन्होंने बिहार कांग्रेस के इतिहास का एक शर्मनाक अध्याय बताया, जहां चुनाव के महीनों बाद भी विधानमंडल दल का नेता तक नहीं चुना जा सका है।
आलाकमान से हस्तक्षेप और बर्खास्तगी की मांग
आनंद माधव ने कांग्रेस आलाकमान से बिहार इकाई में तत्काल सकारात्मक बदलाव की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि समर्पित कार्यकर्ताओं का निलंबन तुरंत वापस लिया जाए और बिहार प्रभारी व प्रदेश अध्यक्ष को उनके पदों से मुक्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि जल्द ही सुधार नहीं किए गए, तो बिहार में कांग्रेस का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा। इस बयान के बाद बिहार कांग्रेस की राजनीति में उबाल आने की संभावना है।
नरोत्तम की रिपोर्ट