Bihar LPG shortage: ईरान जंग की आग से चूल्हा हुआ ठंडा,बिहार में LPG एजेंसियों के बाहर लोगों की लगी लंबी लाइन,जनता त्रस्त, नेता बयानबाज़ी में हैं मस्त
Bihar LPG shortage: देश के कई हिस्सों की तरह बिहार में भी एलपीजी सिलेंडर की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।....
Bihar LPG shortage: अंतरराष्ट्रीय सियासत की चिंगारी अब आम आदमी की रसोई तक पहुंचती दिखाई दे रही है। अमेरिका और इजराइल की ईरान से बढ़ती तनातनी का असर भारत के ऊर्जा बाजार पर भी पड़ने लगा है। देश के कई हिस्सों की तरह बिहार में भी एलपीजी सिलेंडर की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी पटना, औरंगाबाद समेत कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। घंटों इंतजार के बावजूद कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
सिलेंडर की कमी ने बाजार का मिजाज भी बदल दिया है। जहां गैस उपलब्ध नहीं हो रही, वहां लोग मजबूरन लकड़ी और कोयले की तरफ रुख कर रहे हैं। नतीजा यह हुआ कि इनकी मांग अचानक बढ़ गई और दामों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। इतना ही नहीं, इंडक्शन चूल्हे की बिक्री भी तेजी से बढ़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि कुछ जगहों पर इंडक्शन की कीमतें लगभग पांच गुना तक बढ़ गई हैं।
इधर इस मुद्दे ने सियासी रंग भी पकड़ लिया है। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सिलेंडर संकट को लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जनता महंगाई और किल्लत से परेशान है, लेकिन सत्ता में बैठे लोग हकीकत से मुंह मोड़ रहे हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनोज तिवारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, यह महज अफवाहों का बाजार गर्म किया जा रहा है।
उधर प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है। पटना में गैस एजेंसी बंद होने की अफवाह फैलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। जांच के लिए अधिकारी भेजे गए तो एजेंसी खुली मिली और सप्लाई व्यवस्था को रेगुलेट कराया गया। डीएम डॉ त्यागराजन ने खुद भी गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा बैठक की।
प्रशासन ने गैस की कालाबाजारी पर भी सख्ती दिखाई है। पटना जिला प्रशासन ने चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। दानापुर में छापेमारी के दौरान 138 घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें 25 भरे हुए थे।हालांकि जिला प्रशासन का दावा है कि घरेलू गैस की कोई बड़ी कमी नहीं है। सर्वर की तकनीकी दिक्कत के कारण बुकिंग में परेशानी हुई थी, जिसे अब ठीक कर लिया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जरूरत पड़ने पर कंट्रोल रूम में शिकायत करने की अपील की है।
उधर औरंगाबाद की जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने रसोई गैस से सम्बंधित फैलाई जा रही अफवाहों को लेकर जिला वासियों से अपील की है। जिले में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समस्या के कारण थोड़ी आपूर्ति में कमी हुई है।उन्होंने बताया कि सर्वर डाउन होने के कारण ओटीपी आने में कुछ समस्या उत्पन्न हो रही है, जिसके कारण लोगों में भ्रामक अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि घरेलू रसोई गैस का किल्लत होने वाला है, जिसको लेकर उन्होंने लोगों से अपील की है कि मेरे जिले में ऐसी कोई बात नहीं है ,आप अपने घर पर रहकर भी पूर्व की तरह घरेलू रसोई गैस की बुकिंग कर सकते हैं और उन्हें दो दिन के अंदर उनके घर पर रसोई गैस की आपूर्ति कर दी जाएगी।
लेकिन सवाल अब भी कायम है, क्या अंतरराष्ट्रीय सियासत की तपिश भारतीय रसोई को और ज्यादा महंगा बनाने वाली है, या यह सिर्फ सियासी बयानबाज़ी का एक नया मुद्दा बनकर रह जाएगा