Bihar Politics: 2 अक्टूबर से बिहार के 38 जिलों में होगा नीतीश संवाद, जीविका के 20 साल पर महिलाओं से गुफ्तगू करेगा JDU

Bihar Politics: जनता दल यूनाइटेड की ओर से बिहार के सभी जिलों में 2 अक्टूबर से नीतीश संवाद-जीविका के 20 साल बेमिसाल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। ...

38 जिलों में होगा नीतीश संवाद- फोटो : social Media

Bihar Politics: जनता दल यूनाइटेड की ओर से बिहार के सभी जिलों में 2 अक्टूबर से नीतीश संवाद-जीविका के 20 साल बेमिसाल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर पटना स्थित जदयू प्रदेश कार्यालय में सभी जिलों से आईं महिला नेताओं और पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई। पार्टी के मुताबिक, कार्यक्रम के जरिए जीविका के दो दशक के सफर और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के अनुभवों को सामने लाने की तैयारी है।

ग्रामीण विकास एवं सूचना जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने बैठक में कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं तक जीविका की उपलब्धियों और उससे जुड़े बदलावों की जानकारी पहुंचाई जाएगी। उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों से कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा।

जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि बिहार में जीविका कार्यक्रम की शुरुआत 2006 में हुई थी। उनके अनुसार, वर्तमान में 13 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के जरिए 1.88 करोड़ से अधिक महिलाएं जीविका से जुड़ी हैं। पार्टी इस आंकड़े और जीविका से जुड़े महिला समूहों की उपलब्धियों को अपने संवाद कार्यक्रमों में प्रमुखता से रखने की तैयारी में है।

जदयू महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष एवं विधान पार्षद शिवरानी देवी ने कहा कि पिछले दो दशकों में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक उत्थान से जुड़े कई काम हुए हैं और जीविका की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। बैठक में मंत्री लेशी सिंह, शीला मंडल, डॉ. श्वेता गुप्ता, विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक संजय गांधी, विधान पार्षद रेखा गुप्ता, रीना यादव, डॉ. भारती मेहता, विधायक शालिनी मिश्रा, सोनम सरदार, पूर्व सांसद कहकशां परवीन और अंजुम आरा समेत कई नेता मौजूद रहे।

जदयू ने इससे पहले भी ‘नीतीश संवाद’ की श्रृंखला शुरू की है। सितंबर में पार्टी ने गंगा किनारे स्थित 12 जिलों में फरक्का जल समझौते से जुड़े मुद्दे पर संवाद कार्यक्रम चलाने की घोषणा की थी। इसके बाद जीविका के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सभी 38 जिलों तक संवाद का विस्तार करने की योजना सामने आई।

राजनीतिक रूप से देखें तो यह कार्यक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब जदयू अपने संगठनात्मक अभियानों में नीतीश कुमार के शासनकाल की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रमुखता से सामने रख रहा है। हालांकि, कार्यक्रम का घोषित विषय जीविका के दो दशक और उससे जुड़े महिला समूहों पर केंद्रित है।