Bihar Khan Sir Case: खान सर उर्फ फैजल खान पर शिकंजा या कानून से आंख-मिचौली? 48 घंटे बाद भी गिरफ्तारी नहीं, पटना पुलिस की भूमिका पर उठे बड़े सवाल, पढ़िए पूरी स्टोरी
Bihar Khan Sir Case: एफआईआर दर्ज होने के 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है और पुलिस की कार्यशैली पर उंगलियां उठने लगी हैं।...
Bihar Khan Sir Case:बिहार की राजधानी पटना में चर्चित कोचिंग संचालक और ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर को लेकर दर्ज आपराधिक मामले ने अब कानूनी और पुलिसिया कार्रवाई को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मामला जितना हाई-प्रोफाइल होता जा रहा है, उतने ही तेज सवाल भी उठ रहे हैं। एफआईआर दर्ज होने के 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है और पुलिस की कार्यशैली पर उंगलियां उठने लगी हैं।
स्थानीय लोगों और छात्रों के एक वर्ग का आरोप है कि जहां एक शिक्षक को पोस्टर फाड़ने के आरोप में कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया, वहीं गंभीर धाराओं में नामजद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की रफ्तार बेहद धीमी दिखाई दे रही है। इसी वजह से पटना पुलिस की निष्पक्षता और कार्रवाई के तौर-तरीकों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि यह आरोप और चर्चाएं सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना एसएसपी ने अब पांच सदस्यीय विशेष टीम का गठन कर दिया है। इस टीम में टाउन डीएसपी-1, टाउन डीएसपी-2, कदमकुआं थाना प्रभारी, पीरबहोर थाना प्रभारी और गांधी मैदान थाना प्रभारी को शामिल किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि टीम को गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और मामले की जांच को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दूसरी तरफ कानूनी मोर्चे पर भी हलचल तेज है। सूत्रों के अनुसार फैजल खान की ओर से अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी की जा रही है। चर्चा यह भी है कि यदि राहत नहीं मिलती है तो वे आत्मसमर्पण का रास्ता अपना सकते हैं। वहीं उनके निजी सुरक्षा गार्डों प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह की ओर से भी नियमित जमानत याचिका दाखिल की गई है, जिस पर अदालत में सुनवाई होनी है।कदमकुआं थाना पुलिस का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत फैजल खान को नोटिस तामील कराया गया है और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस का दावा है कि मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। दूसरी ओर एक वीडियो में फैजल खान भी जांच में सहयोग करने की बात कह चुके हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या पुलिस गिरफ्तारी की रणनीति पर काम कर रही है, या आरोपी कानूनी दांव-पेच के जरिए समय हासिल कर रहे हैं? शहर में तरह-तरह की चर्चाएं जरूर हैं, लेकिन इन अटकलों और आरोपों की पुष्टि आधिकारिक तौर पर नहीं हुई है। फिलहाल निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई और अदालत के फैसले पर टिकी हैं। यह मामला अब सिर्फ एक एफआईआर तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कानून, जांच और न्यायिक प्रक्रिया की कसौटी बनता जा रहा है।