Khan Sir:पटना कोचिंग गोलीकांड में हाई-वोल्टेज सस्पेंस, खान सर उर्फ फैजल खान की गिरफ्तारी को लेकर सस्पेंस बरकरार, न सरेंडर हुआ न बेल की अर्जी,अब सोमवार पर टिकी सबकी निगाहें

Khan Sir:सोशल मीडिया और छात्र जगत में अपनी मजबूत पहचान रखने वाले फैजल खान उर्फ खान सर को लेकर पूरे दिन सिविल कोर्ट परिसर में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। सरेंडर की अटकलों के बीच सुबह से ही कोर्ट परिसर में भारी गहमागहमी का माहौल देखने को मिला।...

खान सर उर्फ फैजल खान की गिरफ्तारी को लेकर सस्पेंस बरकरार- फोटो : social Media

Khan Sir: बिहार की राजधानी पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में चर्चित कोचिंग गोलीकांड मामले ने शनिवार को एक नया और बेहद नाटकीय मोड़ ले लिया। सोशल मीडिया और छात्र जगत में अपनी मजबूत पहचान रखने वाले फैजल खान उर्फ खान सर को लेकर पूरे दिन सिविल कोर्ट परिसर में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। सरेंडर की अटकलों के बीच सुबह से ही कोर्ट परिसर में भारी गहमागहमी का माहौल देखने को मिला। हालात की नजाकत को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि क्या खान सर अदालत के सामने आत्मसमर्पण करेंगे, लेकिन दिनभर चले सियासी और कानूनी कयासों के बाद न तो सरेंडर हुआ और न ही अग्रिम जमानत की कोई अर्जी दाखिल की गई।

शनिवार का पूरा दिन इंतजार, अटकलों और चर्चाओं के नाम रहा। कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन शाम तक तस्वीर साफ हो गई कि कानूनी टीम ने फिलहाल कोई औपचारिक कदम नहीं उठाया है। इसके बाद पूरे मामले का फोकस अब सोमवार पर आकर टिक गया है।

खान सर की ओर से पेश अधिवक्ता अरविंद कुमार महुआरी ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि शनिवार को अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने की निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो चुकी थी। इसी वजह से कानूनी टीम ने जल्दबाजी में कोई आवेदन दाखिल नहीं किया। उन्होंने कहा कि अब पूरी तैयारी और कानूनी दस्तावेजों के साथ सोमवार को पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की जाएगी। वकील का दावा है कि उनके मुवक्किल को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उन्हें अदालत से राहत मिलने की उम्मीद है।

उधर, इस पूरे घटनाक्रम में पटना पुलिस का रुख भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस फिलहाल किसी जल्दबाजी के मूड में नजर नहीं आ रही है। पुलिस प्रशासन ने वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाई है। बताया जा रहा है कि पुलिस सोमवार तक कानूनी प्रक्रिया का इंतजार करना चाहती है। अधिकारियों का मानना है कि मामले की संवेदनशीलता और खान सर की लोकप्रियता को देखते हुए हर कदम बेहद सावधानी से उठाया जाएगा ताकि कानून-व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।

कानून के जानकारों के अनुसार अब आगे दो प्रमुख संभावनाएं बचती हैं। पहली, सोमवार को अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की जाएगी और यदि अदालत दलीलों से संतुष्ट होती है तो गिरफ्तारी से राहत मिल सकती है। दूसरी, यदि कानूनी परिस्थितियां अनुकूल नहीं दिखतीं तो खान सर सीधे अदालत में आत्मसमर्पण कर सकते हैं, जिसके बाद उनकी न्यायिक हिरासत या नियमित जमानत पर फैसला अदालत करेगी।

बता दें कि इस पूरे विवाद की शुरुआत 2 जून की रात हुई थी। आरोप है कि मूसलपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान पर 15 से 20 नकाबपोश असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया था। उपद्रवियों ने कथित तौर पर जमकर तोड़फोड़ की, पोस्टर फाड़े और सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट की। इसी दौरान आत्मरक्षा के लिए दो निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने की बात सामने आई। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दोनों सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया।

जांच के दौरान कदमकुआं थाने में खान सर के खिलाफ भी हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़े आरोपों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस का आरोप है कि सुरक्षा गार्डों ने कथित तौर पर उनके निर्देश पर गोली चलाई थी। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायालय और जांच प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल बिहार की सबसे चर्चित आपराधिक और कानूनी कहानी का अगला अध्याय सोमवार को लिखा जाएगा। अदालत, पुलिस और कानूनी टीम की गतिविधियों पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं। अब देखना यह है कि मामला अग्रिम जमानत की राहत तक पहुंचता है या फिर आत्मसमर्पण और न्यायिक प्रक्रिया की दिशा में आगे बढ़ता है।

ब्यूरो रिपोर्ट