Bihar IAS transfer : लखीसराय DM मिथिलेश मिश्रा पर गिरी गाज, पद से हटाए गए; इस मामले में हुई कार्रवाई

Bihar IAS transfer : लखीसराय DM मिथिलेश मिश्रा का तबादला। धान अधिप्राप्ति में आरोप और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह व डिप्टी CM विजय सिन्हा के अपमान के बाद नीतीश सरकार की बड़ी कार्रवाई।

Patna  - बिहार की प्रशासनिक गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। लखीसराय के जिलाधिकारी (DM) मिथिलेश मिश्रा (IAS 2011) को नीतीश सरकार ने तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, उन्हें लखीसराय से स्थानांतरित करते हुए पटना मुख्यालय (सामान्य प्रशासन विभाग) में योगदान देने का निर्देश दिया गया है।

मंच पर प्रोटोकॉल तोड़ना पड़ा भारी

सूत्रों के अनुसार, डीएम मिथिलेश मिश्रा के खिलाफ यह कार्रवाई हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यात्रा के दौरान हुए प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर की गई है। बताया जा रहा है कि लखीसराय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीएम ने मंच पर न केवल प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का उचित सम्मान (अभिवादन) करना भी भूल गए थे। सत्ता के शीर्ष नेतृत्व के प्रति इस उपेक्षापूर्ण व्यवहार को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है।

धान अधिप्राप्ति में धांधली के भी थे आरोप

सिर्फ प्रोटोकॉल ही नहीं, डीएम मिश्रा की कार्यशैली पर पहले से ही सवाल उठ रहे थे। जिले में धान अधिप्राप्ति (Paddy Procurement) के मामले में उन पर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। किसानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी शिकायतें दर्ज कराई थीं। प्रशासन की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत इन आरोपों की जांच के बीच इस तबादले को एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

एडीएम को सौंपी गई जिले की कमान

सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जब तक लखीसराय में नए जिलाधिकारी की स्थायी नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक जिले की कमान अपर समाहर्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी (ADM) संभालेंगे। उन्हें जिलाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

प्रशासनिक हलके में हड़कंप

मिथिलेश मिश्रा को अचानक हटाए जाने और वेटिंग फॉर पोस्टिंग (सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान) रखे जाने से आईएएस अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है। सरकार ने इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश दे दिया है कि चाहे अधिकारी कितना भी रसूखदार क्यों न हो, अनुशासनहीनता और कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।