Bihar Politics: महाशिवरात्रि के दिन अचानक दिल्ली रवाना हुए लालू-राबड़ी, राउज एवेन्यू कोर्ट में हो सकते हैं पेश, 25 दिन का मिला था समय

Bihar Politics: महाशिवरात्रि के दिन अचानक लालू यादव और राबड़ी देवी दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। माना जा रहा है कि लालू-राबड़ी दिल्ली में लैंड फॉर जॉब मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हो सकते हैं।

लालू राबड़ी दिल्ली रवाना - फोटो : News4nation

Bihar Politics:  बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आ रही है। राजद सुप्रीमो लालू यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी रविवार को अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। माना जा रहा है कि लालू-राबड़ी दिल्ली में राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हो सकते हैं। इससे पहले बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्नी यादव भी राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंच चुके थे। दरअसल, लैंड फॉर जॉब मामले में कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव को पेशी के लिए एक माह का समय दिया था। 1 फरवरी से 25 फरवरी के बीच अदालत में उपस्थित होना था।

तेजस्वी भी हुए थे पेश 

बता दें कि, 29 जनवरी को हुए सुनवाई में राउज एवेन्यू कोर्ट ने आदेश दिया था कि आरोपों की औपचारिक गठन के लिए 1 फरवरी से 25 फरवरी के बीच लालू-राबड़ी, तेजस्वी और तेज प्रताप यादव को अदालत में उपस्थित होना होगा। जिसके बाद 9 फरवरी को तेजस्वी यादव दिल्ली में राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए थे। इस दौरान तेजस्वी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया और कहा कि वह केस लड़ेंगे और कोर्ट में आरोपों का सामना करेंगे। तेजस्वी यादव के पिता लालू यादव द्वारा रेल मंत्री रहने के दौरान 2004 से 2009 की बीच रेलवे में नौकरी देने के बदले लोगों की जमीन लेने का आरोप लगा है। इसी मामले में तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव भी आरोपित बनाए गए हैं। 

लैंड फॉर जॉब मामला क्या है

लैंड फॉर जॉब मामला केंद्र की राजनीति और बिहार की सियासत से जुड़ा एक चर्चित मामला है। यह प्रकरण उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि इस दौरान रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले उम्मीदवारों या उनके परिजनों से जमीन ली गई। जांच एजेंसियों के अनुसार, कई अभ्यर्थियों को रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले पटना और आसपास के इलाकों में स्थित जमीनें रियायती दर पर या दान के रूप में लालू परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम कराई गईं। यह जमीनें बाद में काफी मूल्यवान साबित हुईं।

पटना से रंजीत की रिपोर्ट