Gayaji News : झारखंड के जंगलों से भटककर बाराचट्टी पहुंचा जंगली हाथी, ग्रामीणों में दहशत का माहौल, वन विभाग ने सुरक्षित निकाला

Gayaji News : झारखण्ड के जंगल से भटककर हाथी और बाघ गयाजी के रिहायशी इलाके में चले आये हैं. इससे ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है.......पढ़िए आगे

Gayaji News : झारखंड के जंगलों से भटककर बाराचट्टी पहुंचा जंग
गयाजी में हाथी और बाघ - फोटो : SOCIAL MEDIA

GAYAJI : बिहार के गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब झारखंड के घने जंगलों से बिछड़कर एक जंगली हाथी रिहायशी इलाकों में दाखिल हो गया। बताया जा रहा है कि यह हाथी अपने झुंड से भटक गया है और अपने साथियों की तलाश में सीमावर्ती इलाकों को पार कर गया के गांवों तक पहुंच गया। हाथी की मौजूदगी की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो उठे। हाथी के आने की सूचना मिलते ही बुनियाद बिगहा, पटियौना और टिकती जैसे गांवों में डर का माहौल व्याप्त हो गया। ग्रामीण इतने भयभीत थे कि बच्चों को आनन-फानन में घरों के अंदर दुबका दिया गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हाथी ने अब तक किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुँचाया है, लेकिन खेतों से गुजरते समय उसने फसलों को काफी क्षति पहुँचाई है। ग्रामीण अपनी मेहनत की कमाई बर्बाद होते देख दुखी हैं, लेकिन जान सुरक्षित रहने पर संतोष भी जता रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही बाराचट्टी थानाध्यक्ष, सब-इंस्पेक्टर आर्मेद्र किशोर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया। पुलिस और वन विभाग की टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए हाथी को गांव की सीमा से सुरक्षित बाहर निकाल दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया था ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।

सुरक्षित क्षेत्र की ओर हाथी का प्रस्थान 

थानाध्यक्ष अर्मेद्र किशोर ने पुष्टि की कि हाथी अब गांव के रिहायशी इलाके से बाहर निकल चुका है। उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी भी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है। वन विभाग की टीम लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है और उसे वापस उसके प्राकृतिक आवास या सुरक्षित वन क्षेत्र की ओर भेजने के प्रयास जारी हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह हाथी अपने झुंड से बिछड़ने के कारण परेशान है और अपने साथियों को खोज रहा है। विभाग की एक विशेष टीम हाथी के पीछे लगी हुई है ताकि वह दोबारा किसी रिहायशी इलाके में प्रवेश न कर सके। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन और वन विभाग पूरी कोशिश कर रहे हैं कि हाथी को बिना किसी नुकसान के उसके झुंड से वापस मिलाया जा सके। 

जंगल में दिखा बाघ 

वहीँ गया जी के इलाके में बाघ भी देखा गया है. गया जी के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत छकरबंधा थाना क्षेत्र के छरा पत्थर और खड़ाऊ के जंगली इलाके में शुक्रवार की देर शाम को बाघ को देखा गया. बाघ विचरण कर रहा था. बाघ को देखे जाने के बाद दहशत का माहौल जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में व्याप्त हो गया है. लोगों में हडकंप भी है और वे अपनी सुरक्षा के इंतजाम करने में जुट गए हैं. बताया जाता है कि यहां इस इलाके से वाराणसी- कोलकाता एक्सप्रेस वे निर्माण हो रहा कार्य हो रहा है.

निर्माण कार्य में जुटे कर्मियों ने देखा

ग्रामीणों के अनुसार वाराणसी- कोलकाता एक्सप्रेस वे का कार्ड इस इलाके में चल रहा है. इसी दौरान वाराणसी- कोलकाता एक्सप्रेस में निर्माण कार्य में जुटे कर्मियों के द्वारा बाघ को देखा गया. बाघ की गतिविधियों को मोबाइल में कैद भी किया गया. ग्रामीण इलाके में भी बाघ को देखा गया है. गया जी के जंगली क्षेत्र में से होकर गुजर रही वाराणसी -कोलकाता एक्सप्रेसवे के कर्मियों में भी दहशत हो गया. हालांकि किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंची है. इस इलाके में छरा पत्थर और खड़ाऊ गांव के लोगों ने बताया कि बाघ अब गांव के आसपास ही घूम रहा है. ऐसी जानकारी मिल रही है. वही, इसकी जानकारी वन विभाग और प्रशासन को दी गई है.

सूचना के बाद पहुंची वन विभाग की टीम

वही, जानकारी के अनुसार सूचना के बाद वन विभाग की टीम गांव में पहुंची. बाघ के पंजे के निशान और उसके भागने की दिशा का पता लगाया जा रहा है. ग्रामीण अनिल सिंह भोक्ता के अनुसार शुक्रवार की शाम को अचानक लोगों ने खेत की ओर घूमते एक बाघ को देखा. एक्सप्रेसवे साइट्स के पास में कर्मियों ने भी उसे देखा और मोबाइल में उसका वीडियो बनाया. इस जंगल वाले क्षेत्र में दहशत कायम हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी आसपास के जंगलों में जंगली जानवर आते रहे हैं, लेकिन पहली बार बाघ देखा गया है. सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही है. ग्रामीणों द्वारा सूचना दी गई है, कि यहां बाघ देखा गया है. वन विभाग की टीम गांव में मौके पर पहुंची है. ग्रामीणों ने जिस दिशा में बाघ के जाने की बात बताई है, उसे दिशा में लगातार सर्च अभियान चल रहा है. हमारी प्राथमिकता है कि बाघ सुरक्षित रहे और किसी भी ग्रामीण को नुकसान नहीं पहुंचे. वनपाल कुलदीप चौहान ने कहा कि किसी प्रकार के अफवाह पर लोग ध्यान न दें. यह भी कहा कि हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है. 

मनोज की रिपोर्ट