सरकारी अस्पताल पर बढ़ा भरोसा, एलएनजेपी में हाईटेक इलाज से हड्डी मरीजों को राहत, ये नयी सुविधा मरीजों के लिए हो गईं चालू

Bihar healthcare system: बिहार में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मरीजों का भरोसा लगातार मजबूत होने का दावा किया जा रहा है। ...

Bihar healthcare system: बिहार में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मरीजों का भरोसा लगातार मजबूत होने का दावा किया जा रहा है। राजधानी स्थित एलएनजेपी हड्डी अस्पताल में नई और अत्याधुनिक सुविधाएं शुरू होने के बाद हड्डी रोग से जूझ रहे मरीजों को बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद बढ़ी है। मुख्यमंत्री द्वारा अस्पताल में हाईटेक सुविधाओं का उद्घाटन किए जाने के बाद यहां अतिरिक्त बेड, फिजियोथेरेपी सेंटर और मरीजों की देखभाल से जुड़ी कई नई व्यवस्थाएं शुरू की गई हैं।

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक पहले तल पर मरीजों के लिए बेड और फिजियोथेरेपी सेंटर समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। भर्ती मरीजों की 24 घंटे देखभाल के लिए डेडिकेटेड टीम भी तैनात की गई है। मरीजों को समय पर दवा और भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था का भी दावा किया गया है।अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों का कहना है कि निजी अस्पतालों में हड्डी के इलाज के लिए बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद कई बार ऐसी सुविधाएं नहीं मिलतीं। वहीं एलएनजेपी में सरकारी व्यवस्था के तहत इलाज मिलने से आर्थिक बोझ कम हुआ है।

बक्सर से आए चंदन मिश्रा ने बताया कि बाइक दुर्घटना में उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। उन्होंने कहा कि एलएनजेपी में आयुष्मान कार्ड के जरिए उनका इलाज आसानी से हो पाया। उन्होंने इस सुविधा के लिए सरकार के प्रति आभार जताया।पूर्वी चंपारण के नवीन कुमार सिंह के मुताबिक उनके दाहिने हाथ में फ्रैक्चर था। स्थानीय निजी अस्पतालों में इलाज को लेकर परेशानी बताई गई, जिसके बाद उन्हें एलएनजेपी के बारे में जानकारी मिली। उनका कहना है कि यहां उनके हाथ का सफल ऑपरेशन किया गया।

वहीं पटना की बुजुर्ग मरीज लालपरी देवी ने बताया कि गिरने के कारण उनके पैर की हड्डी टूट गई थी। निजी अस्पताल में इलाज के लिए बड़ी रकम मांगी जा रही थी, जबकि एलएनजेपी में उनका इलाज बिना किसी शुल्क के हुआ।अस्पताल प्रशासन के अनुसार यहां बिहार के अलग-अलग जिलों के साथ नेपाल से भी मरीज हड्डी के इलाज के लिए पहुंचते हैं। नई सुविधाओं के विस्तार से अस्पताल में मरीजों को बेहतर उपचार, फिजियोथेरेपी और लगातार निगरानी उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।