LPG Gas Rules 2026: 1 नवंबर से बदलेंगे गैस सिलेंडर के नियम, सिलेंडर बुकिंग से सब्सिडी तक जानें नए नियम
LPG Gas Rules 2026: देश के करोड़ों रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए 1 नवंबर 2026 से एलपीजी सिलेंडर से जुड़े नियमों और व्यवस्थाओं पर खास नजर रखना जरूरी होगा।...
LPG Gas Rules 2026: देश के करोड़ों रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए 1 नवंबर 2026 से एलपीजी सिलेंडर से जुड़े नियमों और व्यवस्थाओं पर खास नजर रखना जरूरी होगा। महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करेंगी। इसके साथ ही आधार ई-केवाईसी, गैस बुकिंग, होम डिलीवरी और पीएनजी कनेक्शन को लेकर लागू प्रावधान भी उपभोक्ताओं के लिए अहम रहेंगे।अगर आपने अभी तक आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी नहीं कराया है या सिलेंडर की डिलीवरी के समय मिलने वाला डीएसी कोड भूल जाते हैं, तो परेशानी हो सकती है। ऐसे में गैस बुक कराने से पहले जरूरी नियमों की जानकारी रखना फायदेमंद होगा।ध्यान देने वाली बात है कि ये सभी बदलाव केवल 1 नवंबर को घोषित होने वाले नए फैसले नहीं हैं। इनमें पहले से लागू व्यवस्थाएं भी शामिल हैं, जिनका पालन उपभोक्ताओं को करना होगा।
1. LPG सब्सिडी के लिए आधार ई-केवाईसी जरूरी
सरकारी एलपीजी सब्सिडी का लाभ लेने वाले परिवारों के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से लागू है।जिन ग्राहकों ने पहले ही ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा सत्यापन कराने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, जिनका सत्यापन बाकी है, वे घर बैठे मोबाइल ऐप के जरिए इसे पूरा कर सकते हैं।
- इंडेन गैस: IndianOil One ऐप
- भारत गैस: Hello BPCL ऐप
- एचपी गैस: HP Pay ऐप
स्मार्टफोन इस्तेमाल नहीं करने वाले उपभोक्ता अपनी नजदीकी गैस एजेंसी या डिलीवरी कर्मी की मदद से भी ई-केवाईसी करा सकते हैं। इससे सब्सिडी से जुड़े भुगतान में पहचान संबंधी अड़चन से बचने में मदद मिलेगी।
2. सिलेंडर बुकिंग के लिए 25 दिन का इंतजार
एलपीजी रिफिल बुकिंग को लेकर भी उपभोक्ताओं को निर्धारित समय का ध्यान रखना होगा। जानकारी के अनुसार, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में एक रिफिल की बुकिंग के बाद अगला सिलेंडर बुक कराने के लिए 25 दिन का अंतर जरूरी है।इसलिए जिन परिवारों में गैस की खपत अधिक होती है, उन्हें सिलेंडर खत्म होने का इंतजार करने के बजाय समय रहते अगली बुकिंग की योजना बनानी चाहिए।
3. डिलीवरी के समय बताना होगा चार अंकों का DAC कोड
अब गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी में डीएसी (Delivery Authentication Code) की भूमिका भी अहम है। जब ग्राहक सिलेंडर बुक करता है, तो पंजीकृत मोबाइल नंबर पर चार अंकों का कोड भेजा जाता है।डिलीवरी कर्मी को यह कोड बताने के बाद ही डिलीवरी की पुष्टि होती है। इसका मकसद सिलेंडर को सही ग्राहक तक पहुंचाना और फर्जी डिलीवरी पर रोक लगाना है।इसलिए बुकिंग के बाद मोबाइल फोन चालू रखें और डिलीवरी आने तक कोड संभालकर रखें।
4. PNG कनेक्शन वाले घरों में LPG सिलेंडर पर पाबंदी
पाइपलाइन के जरिए रसोई गैस यानी पीएनजी इस्तेमाल करने वाले परिवारों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान बताए गए हैं।नियमों के मुताबिक, जिस घर में पीएनजी कनेक्शन लग चुका है, वहां 30 दिनों के भीतर पुराना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा या निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे दूसरे पात्र क्षेत्र के लिए ट्रांसफर वाउचर में बदलवाना होगा।पीएनजी कनेक्शन वाले घरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर रखने की अनुमति नहीं होने की बात भी कही गई है। इसलिए पीएनजी सुविधा लेने वाले उपभोक्ताओं को अपनी गैस एजेंसी से लागू प्रक्रिया की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
5. घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों पर रहेगी नजर
हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां गैस सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और दूसरे ऊर्जा स्रोतों की कीमतों के उतार-चढ़ाव का असर एलपीजी की लागत पर पड़ सकता है।घरेलू गैस सिलेंडर 14.2 किलोग्राम का होता है, जबकि होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में इस्तेमाल होने वाला कमर्शियल सिलेंडर आमतौर पर 19 किलोग्राम का होता है।कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में मासिक बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, घरेलू सिलेंडर की समीक्षा होने का मतलब यह नहीं है कि हर महीने उसकी कीमत बढ़ेगी या घटेगी। कमर्शियल सिलेंडर पर घरेलू एलपीजी सब्सिडी भी नहीं मिलती।
6. मुफ्त सिलेंडर की सुविधा हर राज्य में नहीं
दिवाली और दूसरे त्योहारों पर मुफ्त गैस सिलेंडर मिलने की खबरों को लेकर भी उपभोक्ताओं को सतर्क रहना चाहिए। ऐसी योजनाएं पूरे देश में एक समान लागू नहीं होतीं।दिल्ली में पात्र राशन कार्डधारक परिवारों के लिए त्योहारों पर रिफिल की राशि बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था बताई गई है। वहीं, उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों को दिवाली और होली पर मुफ्त सिलेंडर देने की राज्य स्तरीय व्यवस्था रही है।इसलिए बिहार समेत दूसरे राज्यों के उपभोक्ताओं को अपने राज्य की सरकारी घोषणा और पात्रता की शर्तें जरूर जांचनी चाहिए।
गैस उपभोक्ता इन 5 बातों का रखें ध्यान
1. आधार ई-केवाईसी की स्थिति जांच लें।
2. गैस बुकिंग के लिए 25 दिनों का अंतर ध्यान में रखें।
3. डिलीवरी के समय चार अंकों का DAC कोड बताएं।
4. पीएनजी कनेक्शन होने पर एलपीजी से जुड़े नियमों का पालन करें।
5. सिलेंडर की नई कीमत अपनी गैस कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर देखें।