पटना में निगरानी विभाग का बड़ा एक्शन: साम्यागढ़ थानाध्यक्ष सौरभ को थाने मे ही रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान निगरानी की टीम ने एकबार फिर एक भ्रष्ठ पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार किया है। निगरानी की टीम ने पटना के साम्यागढ़ थानाध्यक्ष को थाने में ही रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा है....

अपनी ही थाने में रिश्वत लेते पकड़ा गया थानाध्यक्ष- फोटो : रंजीत कुमार

Patna :बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को एक और बड़ी सफलता मिली है। पटना जिले के साम्यागढ़ थाना के थानाध्यक्ष (पुअनि) सौरभ कुमार को 27,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी थानाध्यक्ष द्वारा क्षेत्र में जेसीबी मशीन चलाने के एवज में पीड़ित से साप्ताहिक रिश्वत यानी 'हफ्ते' की मांग की जा रही थी।


पीड़ित ने पटना निगरानी कार्यालय में दर्ज कराई थी शिकायत

मिली जानकारी के अनुसार इस मामले को लेकर प्रहलादपुर (थाना- साम्यागढ़, जिला- पटना) निवासी मनोज कुमार, पिता बृजनन्दन यादव ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया था कि साम्यागढ़ थानाध्यक्ष द्वारा उनके जेसीबी के सुचारू संचालन के लिए पैसों का दबाव बनाया जा रहा है।


जांच में सही पाई गई शिकायत, डीएसपी अरूणोदय पाण्डेय के नेतृत्व में बना धावा दल

निगरानी ब्यूरो द्वारा शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया गया, जिसमें थानाध्यक्ष द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण और आरोप प्रथम दृष्टया सत्य पाए गए। इसके बाद मामले में कांड दर्ज करते हुए अनुसंधानकर्त्ता सह वरीय पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) अरूणोदय पाण्डेय के नेतृत्व में एक विशेष धावा दल का गठन किया गया।


थाना परिसर से ही रिश्वत लेते दबोचा गया थानाध्यक्ष

सोमवार को योजनाबद्ध तरीके से धावा दल ने साम्यागढ़ थाना परिसर में ही दबिश दी। जैसे ही परिवादी मनोज कुमार ने थानाध्यक्ष सौरभ कुमार को 27,000 रुपये की रिश्वत की रकम सौंपी, घात लगाकर बैठी निगरानी टीम ने आरोपी थानाध्यक्ष को रंगे हाथों दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से थाना परिसर में हड़कंप मच गया।


विशेष निगरानी कोर्ट में किया जाएगा पेश, आगे की कानूनी कार्रवाई जारी

निगरानी ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त थानाध्यक्ष सौरभ कुमार से पूछताछ की जा रही है। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को पटना स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले में अग्रतर अनुसंधान और कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है।


रंजीत की रिपोर्ट