दीघा के चर्चित सुरेंद्र साव हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता, नामजद आरोपी को बंगाल से किया गिरफ्तार

राजधानी पटना के दीघा थाना क्षेत्र में हुए चर्चित सुरेंद्र साव हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस हत्याकांड के एक और नामजद आरोपी को पश्चिम बंगाल के हावड़ा से धर दबोचा है....

सुरेंद्र साव हत्याकांड का नामजद आरोपी गिरफ्तार- फोटो : अनिल कुमार

Patna : राजधानी पटना के दीघा थाना क्षेत्र में हुए चर्चित सुरेंद्र साव हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस सनसनीखेज कांड के एक नामजद अभियुक्त को पश्चिम बंगाल के हावड़ा से गिरफ्तार कर लिया है। मृतक सुरेंद्र साव दीघा इलाके में गैस चूल्हा रिपेयरिंग की दुकान चलाते थे, जिनकी हत्या के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई थी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।


पश्चिम बंगाल के हावड़ा से दबोचा गया नामजद अभियुक्त 

सेंट्रल एसपी पटना ममता कल्याणी ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह मामला दीघा थाना से जुड़ा है, जो 1 अगस्त 2026 को मृतका की पत्नी साविता देवी के बयान पर दर्ज कराया गया था। पुलिस अनुसंधान के दौरान मुख्य आरोपी रमेश कुमार सिंह उर्फ डॉक्टर साहब (उम्र करीब 51 वर्ष, पिता देव नारायण सिंह, निवासी- बांस्कोठी गेट नंबर-95, दीघा, पटना) की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पश्चिम बंगाल के हावड़ा से दबोच लिया।


जेल से रची गई थी हत्या की साजिशशूटरों को दी गई थी सुपारी 

पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड में संलिप्त एक अन्य नामजद अभियुक्त निरंजन साव को पहले ही 29 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। सेंट्रल एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित डॉक्टर साहब उर्फ रमेश कुमार सिंह ने जेल के अंदर से ही इस पूरी घटना की खौफनाक प्लानिंग की थी और शूटरों को सुपारी देकर इस हत्याकांड को अंजाम दिलवाया था।


महज धुर जमीन का विवाद बना हत्या की मुख्य वजह 

शुरुआती जांच और अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि हत्या की मुख्य वजह महज 4 धुर जमीन का विवाद था, जिसके चलते इस खूनी खेल को रचा गया। पुलिस इस मामले में शामिल 3 से 4 अन्य अपराधकर्मियों के नाम सामने आने की पुष्टि कर चुकी है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।


छापेमारी अभियान में शामिल रही दीघा थाना और डीआईयू की टीम 

इस सफल गिरफ्तारी अभियान को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में डीआईयू के साथ-साथ दीघा थाना के पुलिस पदाधिकारी पु0अ0नि0 सुजीत कुमार, पु0अ0नि0 नीतिश कुमार, पु0अ0नि0 अरविन्द कुमार, सिपाही धर्मेन्द्र कुमार और चालक धर्मेन्द्र कुमार शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले से जुड़े अन्य बचे हुए अपराधियों को भी जल्द ही शिकंजे में ले लिया जाएगा। 

अनिल की रिपोर्ट