बिहार में टला बड़ा रेल हादसा, बाल-बाल बची जनशताब्दी, बच गई यात्रियों की जान

Bihar train accident: पटना से हावड़ा जा रही जनशताब्दी एक्सप्रेस एक बड़े रेल हादसे का शिकार होते-होते बच गई।...

बिहार में टला बड़ा रेल हादसा- फोटो : social Media

Bihar train accident: पटना से हावड़ा जा रही जनशताब्दी एक्सप्रेस एक बड़े रेल हादसे का शिकार होते-होते बच गई। पटना जिले के अथमलगोला स्टेशन के समीप एक सतर्क पोर्टर की फुर्ती और स्टेशन मास्टर की त्वरित कार्रवाई ने सैकड़ों यात्रियों की जान पर मंडरा रहे खतरे को टाल दिया। घटना के बाद रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया और तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक की मरम्मत की।

जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 12024 पटना–हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस बख्तियारपुर से खुलने के बाद तेज रफ्तार में अथमलगोला स्टेशन से थ्रू सिग्नल पर गुजर रही थी। स्टेशन मास्टर और पोर्टर मिलन कुमार नियमानुसार हरी झंडी दिखा रहे थे। इसी दौरान पोर्टर की नजर ट्रेन के पहियों की ओर गई, जहां से असामान्य तेज आवाज आ रही थी। इतना ही नहीं, ट्रैक से गिट्टी उछलकर प्लेटफॉर्म पर गिर रही थी, जिससे किसी बड़ी तकनीकी गड़बड़ी की आशंका पैदा हो गई।

हालात की गंभीरता को भांपते हुए पोर्टर ने बिना देर किए लाल झंडी दिखाकर ट्रेन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन तेज रफ्तार होने के कारण ट्रेन आगे निकल गई। इसके बाद स्टेशन मास्टर ने फौरन वाकी-टॉकी के जरिए ट्रेन के गार्ड से संपर्क साधा और स्थिति से अवगत कराया। रेलवे कंट्रोल की सतर्कता के बाद जनशताब्दी एक्सप्रेस को अचुआरा हॉल्ट पर रोका गया।

अचुआरा हॉल्ट पर गार्ड और लोको पायलट ने ट्रेन की गहन जांच की, लेकिन कोच और इंजन में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी नहीं मिली। इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने संदेह के आधार पर अथमलगोला स्टेशन के पास डाउन लाइन के पोल संख्या 489/12 के समीप ट्रैक की जांच कराई।

जांच में खुलासा हुआ कि पटरियों को स्थिर रखने वाला एक लोहे का प्लेट (फास्टनिंग प्लेट) खुल गया था। इसी वजह से ट्रैक में कंपन हो रहा था और तेज गति से गुजर रही ट्रेन के कारण गिट्टियां उछल रही थीं। यदि समय रहते इस खामी का पता नहीं चलता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कर ट्रैक को सुरक्षित बनाया। इसके बाद रेल परिचालन सामान्य किया गया।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, समय पर मिली सूचना और कर्मचारियों की सतर्कता से संभावित बड़ा हादसा टल गया। पोर्टर और स्टेशन मास्टर की सजगता की सराहना की जा रही है। घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रेलवे सुरक्षा में जमीनी स्तर पर तैनात कर्मचारियों की चौकसी कितनी अहम होती है।