Bihar Politics:बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर,नीतीश कुमार छोड़ेंगे कुर्सी? भाजपा का मुख्यमंत्री, JDU के दो डिप्टी सीएम का फॉर्मूला!

Bihar Politics:बिहार में सत्ता का एक नया स्वरूप सामने आ रहा है, जिसमें जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी के बीच एक नया बंटवारा तय हो सकता है।...

बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर- फोटो : X

Bihar Politics: बिहार की सियासत इन दिनों तेज़ हलचल और सियासी अटकलों के दौर से गुजर रही है। सत्ता के गलियारों से जो खबरें छनकर सामने आ रही हैं, उन्होंने राजनीतिक माहौल को और भी गर्मा दिया है। चर्चा जोरों पर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही अपने पद से हटकर राज्य की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत कर सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिहार में सत्ता का एक नया स्वरूप सामने आ रहा है, जिसमें जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी के बीच एक नया बंटवारा तय हो सकता है।

खबरों के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिलहाल सीमांचल और कोसी क्षेत्र के दौरे पर हैं, जो 26 मार्च तक जारी रहने वाला है। माना जा रहा है कि इस दौरे के बाद, यानी 8 या 9 अप्रैल के आसपास वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद वे राज्यसभा सदस्य के तौर पर नई भूमिका में नजर आ सकते हैं। इसके लिए उन्हें बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा।

संवैधानिक तौर पर वे राज्यसभा सदस्य बनने के बाद भी मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं, लेकिन सियासी हलकों में यह चर्चा तेज है कि वे स्वेच्छा से पद छोड़कर नए नेतृत्व के लिए रास्ता साफ कर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषक इसे न सिर्फ सत्ता परिवर्तन बल्कि आने वाले समय में जेडीयू की रणनीति और नेतृत्व के नए अध्याय के रूप में भी देख रहे हैं।

इसी कड़ी में सबसे ज्यादा चर्चा निशांत कुमार की राजनीतिक शुरुआत को लेकर हो रही है। बताया जा रहा है कि सत्या के नए फॉर्मूले के तहत दो मानकों को पूरा किया जा सकता है। इनमें से एक नाम निशांत कुमार का सबसे आगे चल रहा है, जबकि दूसरे साल के प्रमुख के तौर पर नीतीश कुमार के करीबी और वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी का नाम भी चर्चा में है।

वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इस नए राजनीतिक पहलू में ड्राइविंग सीट पर नजर रख सकती है। खबर है कि गृह विभाग एक बार फिर भाजपा के पास ही रहने वाला है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में हैं, जिनमें सम्राट चौधरी, संजीव चौरसिया, प्रेम कुमार  शामिल हैं।

कुल मिलाकर बिहार की सियासत में आने वाले कुछ हफ्ते बेहद अहम माने जा रहे हैं। अगर यह सियासी पटकथा सच साबित होती है,तो राज्य में सत्ता का चेहरा ही नहीं बल्कि राजनीतिक समीकरण भी पूरी तरह बदल सकते हैं। ऐसे में पूरे बिहार की निगाहें अब अगले कुछ दिनों में होने वाले सियासी फैसलों पर टिकी हुई हैं।