ममता बनर्जी की तानाशाही नीतियों से टीएमसी में मची भगदड़, 'इंडिया' गठबंधन महज एक 'ठगबंधन': मंगल पांडेय

पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रभारी और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी आंतरिक कलह और दिल्ली में हुई विपक्षी बैठक को लेकर ममता सरकार पर जोरदार हमला बोला है...

Mangal Pandey on Mamta Banerjee- फोटो : न्यूज4नेशन

Patna : पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रभारी और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी आंतरिक कलह और दिल्ली में हुई विपक्षी गठबंधन की बैठक को लेकर तीखा सियासी हमला बोला है। श्री पांडेय ने टीएमसी सांसदों द्वारा पाला बदलने की कवायद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के कुशासन की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में तानाशाही सरकार की समाप्ति के साथ ही अब ममता बनर्जी की राजनीतिक पारी का अंत भी पूरी तरह तय हो चुका है।


टीएमसी सांसदों का लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखना अंदरूनी असंतोष का प्रमाण

भाजपा नेता ने कहा कि ममता बनर्जी की तानाशाही, तुष्टीकरण और विकास विरोधी नीतियों के कारण आज उनकी अपनी ही पार्टी के सांसद और विधायक पूरी तरह से ऊब चुके हैं। टीएमसी सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में अलग गुट की व्यवस्था करने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने की इच्छा जताना इस बात का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर असंतोष का ज्वालामुखी फूट चुका है और इसी वजह से टीएमसी अब ताश के पत्तों की तरह ढह रही है।


पीएम मोदी के विकास मॉडल पर बढ़ा भरोसा, टीएमसी में मची भगदड़

मंगल पांडेय ने जोर देकर कहा कि टीएमसी के सांसदों का एनडीए की तरफ झुकाव यह साफ करता है कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और देश के विकास मॉडल पर पूरा भरोसा है। उन्होंने याद दिलाया कि यह कोई पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी टीएमसी के कई बड़े चेहरे और कद्दावर नेता ममता बनर्जी की जनविरोधी नीतियों से तंग आकर पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं। वर्तमान में टीएमसी के राज्यसभा सांसदों द्वारा दिए जा रहे इस्तीफे पार्टी में मची इसी भगदड़ की गवाही दे रहे हैं।


दिल्ली में आयोजित 'इंडिया' गठबंधन की बैठक पर साधा निशाना, बताया 'ठगबंधन'

दिल्ली में कांग्रेस की अगुवाई में आयोजित विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन की बैठक पर तंज कसते हुए मंगल पांडेय ने इसे देश को गुमराह करने वाला एक 'ठगबंधन' करार दिया। उन्होंने कहा कि यह कथित गठबंधन देश के विकास या जनता की भलाई के लिए नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार में डूबे नेताओं द्वारा केवल अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए किया जा रहा एक ढोंग मात्र है। देश की जनता विपक्ष के इस खोखले गठबंधन की हकीकत को पूरी तरह समझ चुकी है।


नीति और विजन से विहीन है विपक्षी मोर्चा, केवल कुर्सी बचाने की होड़

अपने बयान के समापन में पूर्व मंत्री ने कहा कि दिल्ली में जुटने वाले इन तमाम विपक्षी नेताओं के पास देश के सुनहरे भविष्य और विकास के लिए न तो कोई स्पष्ट विजन है और ना ही कोई ठोस नीति। इन दलों का एकमात्र एजेंडा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजय रथ को रोकना और सत्ता हथियाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जनता ऐसे दिशाहीन और स्वार्थी गठबंधन को कभी स्वीकार नहीं करेगी और विकास के नाम पर पूर्ण बहुमत के साथ एनडीए सरकार के प्रति अपना समर्थन जारी रखेगी।