Patna Senior Citizen Abuse: SDO के निर्देश पर भी नहीं खाली हुआ घर, न्याय की आस में थाने के चक्कर काट रही बुजुर्ग
Maner News: मनेर के जमुनिया टोला में बेटों और बहुओं की प्रताड़ना से परेशान वृद्ध दंपति। एसडीओ दानापुर के एक सप्ताह में घर खाली कराने के आदेश के बावजूद पुलिस की चुप्पी, न्याय के लिए भटक रही महिला।
पटना जिले के मनेर थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ अपने ही बेटों और बहुओं की प्रताड़ना झेल रहे एक वृद्ध दंपति को न्याय दिलाने के लिए दानापुर अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट आदेश दिया था। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके चलते न्याय की आस में पीड़ित वृद्ध महिला लगातार थाने के चक्कर काटने को मजबूर है।
बेटों और बहुओं की प्रताड़ना से परेशान जमुनिया टोला के वृद्ध दंपति
यह पूरा मामला मनेर थाना क्षेत्र के जमुनिया टोला का है। यहाँ परमानंद राय और उनकी पत्नी शिवपतिया देवी अपने ही तीन शादीशुदा बेटों और बहुओं की कथित प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं। आरोप है कि उनके अपने ही बेटे और बहुएं आए दिन उनके साथ मारपीट करते हैं और उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित करते हैं, जिससे उनका जीवन नर्क बन गया है।
पंचायत के फैसले को ठेंगा, भरण-पोषण अधिकरण में लगाई गुहार
बढ़ते अत्याचार से परेशान होकर इस मामले में पहले गाँव स्तर पर पंचायत भी बुलाई गई थी। पंचों ने तीनों बेटों और बहुओं को दोषी ठहराते हुए उन्हें घर से बाहर निकालने का फैसला सुनाया था, लेकिन उन्होंने इस फैसले को मानने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद हार मानकर पीड़ित शिवपतिया देवी ने 'माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम' के तहत दानापुर एसडीओ के न्यायालय में परिवाद दायर किया।
एसडीओ कोर्ट का बड़ा फैसला: एक सप्ताह के भीतर घर खाली कराने का निर्देश
न्यायालय में लंबी सुनवाई के दौरान यह बात स्पष्ट हो गई कि शिवपतिया देवी जिस मकान में रहती हैं, वह उनकी खुद की खरीदी हुई संपत्ति है और उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी ने मनेर पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिया था कि एक सप्ताह के भीतर तीनों बेटों और बहुओं को वृद्ध महिला के घर से निष्कासित किया जाए।
प्रशासनिक आदेश के बाद भी कागजों पर सिमटी कार्रवाई, पुलिस मौन
एसडीओ के स्पष्ट आदेश के बावजूद पीड़िता का आरोप है कि अब तक पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासनिक आदेश मिलने के बाद भी राहत न मिलना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सवाल यह है कि जब प्रशासनिक आदेश का ही समय पर पालन नहीं होगा, तो पीड़ित बुजुर्गों को आखिर न्याय कहाँ से मिलेगा?
बुजुर्गों की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल, न्याय का इंतजार
वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और उनके सम्मानजनक जीवन के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं, लेकिन इस घटना ने उनके प्रभावी क्रियान्वयन की पोल खोल दी है। इस हृदयविदारक स्थिति के बाद पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि मनेर पुलिस उच्चाधिकारी के आदेश का पालन कर प्रताड़ित वृद्ध दंपति को उनका हक और सुरक्षा कब दिलाती है।