Patna News : भक्ति और चमत्कार की आस्था: मंशा पूरण देवी श्री साई शिव कृपा मंदिर का 16वां स्थापना महोत्सव श्रद्धा के साथ शुरू

मंशा पूरण देवी श्री साई शिव कृपा मंदिर का दो दिवसीय 16वां स्थापना वार्षिकोत्सव आज सोमवार से पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो गया। उत्सव के पहले दिन सुबह 7 बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आचार्यों ने भगवान सत्यनारायण की विशेष पूजा संपन्न कराई।

Patna : पटना के राजा बाजार स्थित मंशा पूरण देवी श्री साई शिव कृपा मंदिर का 16वां स्थापना दिवस सोमवार, 19 जनवरी 2026 को धार्मिक उल्लास और भक्ति भाव के साथ प्रारंभ हुआ। दो दिवसीय इस वार्षिकोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी और पूरा क्षेत्र साईंमय वातावरण में डूब गया। बताते चलें कि इसी स्थान पर पहली बार 20 जनवरी 2009 को साईं बाबा की स्थापना की गई थी। उस समय यहां केवल मिट्टी का एक छोटा सा चबूतरा था और बाबा टेंट में विराजमान थे। वर्ष 2010 में हुई भीषण वर्षा के दौरान पूरी गली और आसपास का इलाका जलमग्न हो गया था, लेकिन बाबा का मिट्टी का चबूतरा पूरी तरह सुरक्षित रहा और टेंट में वर्षा की एक बूंद भी नहीं गिरी। इस चमत्कार को बाबा की लीला मानते हुए तत्कालीन मंदिर कमिटी ने मंदिर निर्माण का निर्णय लिया।

हालांकि मंदिर निर्माण के विरुद्ध कुछ स्थानीय लोगों द्वारा अदालत में याचिका दायर की गई थी, जिसकी जानकारी न तो मंदिर समिति को थी और न ही भक्तों को। अचानक एक दिन समाचार पत्र में प्रकाशित खबर से यह सामने आया कि अदालत ने मंदिर निर्माण के विरुद्ध दायर याचिका को खारिज कर दिया है। तब जाकर भक्तों को इस याचिका की जानकारी मिली। लोगों का मानना है कि बाबा स्वयं अपना केस अदालत में लड़ रहे थे। मंदिर निर्माण से पहले यह इलाका “मछली गली” के नाम से जाना जाता था, जहां आए दिन लड़ाई-झगड़े और आपराधिक घटनाएं होती थीं। मंदिर बनने के बाद यह गली “साईं मार्ग” के नाम से प्रसिद्ध हुई और क्षेत्र में शांति, सौहार्द और श्रद्धा का वातावरण स्थापित हुआ। अब स्थानीय लोग अपनी कई समस्याओं का समाधान भी साईं बाबा के दरबार में आकर खोजते हैं।

स्थापना के बाद से ही बाबा के चमत्कारों से प्रभावित होकर श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ती गई। बीते सोलह वर्षों से प्रत्येक वर्ष स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य शोभायात्रा और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता रहा है। साथ ही इस मंदिर में विगत सत्रह वर्षों से शिरडी की तर्ज पर अखंड धूनी प्रज्वलित है। भक्तों की मान्यता है कि यहां मांगी गई मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती हैं, इसी कारण मंदिर का नाम मंशा पूरण देवी साईं शिव कृपा मंदिर पड़ा।

स्थापना दिवस के पहले दिन सोमवार को सुबह 7 बजे आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सत्यनारायण भगवान की पूजा संपन्न हुई। दोपहर 1 बजे मंदिर परिसर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो राजवंशी नगर हनुमान मंदिर और खाजपुरा शिव मंदिर होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और “साईं नाथ तेरे हजारों हाथ”, “शिरडी वाले साईं बाबा” जैसे भजनों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण शिरडी की तर्ज पर सजे भव्य रथ पर विराजमान साईं बाबा की प्रतिमा रही। शाम को मंदिर प्रांगण में भजन संध्या का आयोजन हुआ, जहां भक्तिमय प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को विशेष पूजन, हवन और इसके उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

इस अवसर पर मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव अरविंद कुमार ने कहा कि मंशा पूरण देवी श्री साई शिव कृपा मंदिर न केवल श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक चेतना का भी सशक्त माध्यम बन चुका है। भक्ति और आस्था से ओत-प्रोत यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव बन गया है।