नल-जल योजना अनुरक्षकों का पटना में विशाल प्रदर्शन, 18 हजार मानदेय और 6 सूत्री मांगों को लेकर जेपी गोलंबर पर हंगामा

राजधानी पटना में मंगलवार को नल-जल योजना अनुरक्षक संघ का भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। विभिन्न जिलों लाखों की संख्या में पटना पहुंचे अनुरक्षकों ने 2 हजार में दम नहीं, 18 हजार से कम नहीं के नारे लगाए....

नल-जल योजना अनुरक्षकों का पटना में विशाल प्रदर्शन- फोटो : अनिल कुमार

Patna : बिहार के विभिन्न जिलों से आए नल-जल योजना अनुरक्षक संघ के लगभग 1 लाख 23 हजार अनुरक्षकों की मांगों को लेकर मंगलवार को राजधानी पटना में भारी विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। अपनी 6 सूत्री मांगों के समर्थन में हजारों की संख्या में पहुंचे अनुरक्षकों ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर के पास राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


"2 हजार में दम नहीं, 18 हजार से कम नहीं" के गूंजे नारे

प्रदर्शन कर रहे अनुरक्षकों का कहना है कि उन्हें वर्तमान में अत्यंत मामूली मानदेय दिया जा रहा है, जिससे उनका और उनके परिवार का भरण-पोषण करना संभव नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने "2 हजार में दम नहीं, 18 हजार से कम नहीं" के गूंजते नारों के साथ सरकार से अपना न्यूनतम मानदेय 18,000 रुपये प्रति माह तय करने की मांग की।


पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोका

हजारों की भीड़ को राजभवन या मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पटना पुलिस प्रशासन द्वारा जेपी गोलंबर के पास कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और उग्र प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।


6 सूत्री मांगों पर अड़े अनुरक्षक

अनुरक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे लंबे समय से ग्रामीण इलाकों में घर-घर पानी पहुंचाने का काम पूरी निष्ठा से कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनके भविष्य और मांगों की अनदेखी कर रही है। संघ की प्रमुख मांगों में 18 हजार रुपये मानदेय, सेवा स्थायीकरण, बकाया मानदेय का भुगतान और दुर्घटना व स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं शामिल हैं।


राजधानी में यातायात व्यवस्था प्रभावित

गांधी मैदान और जेपी गोलंबर के आसपास हजारों की संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों के कारण शहर के मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। घंटों तक वाहनों की आवाजाही ठप रहने से आम लोगों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने और वार्ता के माध्यम से मामले को सुलझाने के प्रयास में जुटा है।


अनिल की रिपोर्ट