वैश्विक मंच पर बिहार का मान: डॉ. अशोक चौधरी 29वें वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ पॉलिटिकल साइंस में पैनल चेयरपर्सन मनोनीत
बिहार के मंत्री डॉ. अशोक चौधरी को बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी! रोम (इटली) में आयोजित होने वाले 29वें IPSA World Congress में बने पैनल चेयरपर्सन। 'बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारतीय लोकतंत्र' पर रखेंगे देश का पक्ष।
अंतर्राष्ट्रीय राजनीति विज्ञान संघ (IPSA) द्वारा जुलाई 2027 में इटली की राजधानी रोम में 29वें 'World Congress of Political Science' का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मेलन में बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री डॉ. अशोक चौधरी को एक महत्वपूर्ण पैनल के चेयरपर्सन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विश्व स्तर के इस महाकुंभ में बिहार के किसी जनप्रतिनिधि को यह वैश्विक भूमिका मिलना राज्य के लिए बड़े सम्मान की बात है।
'बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारतीय लोकतंत्र' विषय पर चर्चा
डॉ. अशोक चौधरी “Electoral Democracy in a Changing Global System: An Indian Perspective” विषय पर आयोजित विशेष पैनल की अध्यक्षता करेंगे। इस अंतर्राष्ट्रीय सत्र में दुनिया भर से आए प्रतिष्ठित राजनीतिक वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। इस मंच के माध्यम से मंत्री डॉ. चौधरी भारत के सशक्त लोकतांत्रिक ढांचे, निष्पक्ष निर्वाचन तंत्र और बदलते वैश्विक परिदृश्य में देश के दृष्टिकोण को दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से रखेंगे।
बिहार की बौद्धिक एवं राजनीतिक प्रतिष्ठा में इजाफा
अंतर्राष्ट्रीय स्तर के इतने बड़े और ज्ञानवर्धक मंच पर बिहार के मंत्री को चेयरपर्सन मनोनीत किया जाना राज्य की बौद्धिक, राजनीतिक और शैक्षणिक साख को नया आयाम देता है। वैश्विक विमर्श के पटल पर बिहार के नेतृत्व की यह उपस्थिति राज्य की लोकतांत्रिक पहचान को और मजबूती प्रदान करेगी। इस उपलब्धि से न केवल राजनीतिक हलकों में, बल्कि राज्य के शैक्षणिक गलियारों में भी खुशी की लहर है।
प्रख्यात शिक्षाविदों ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं
इस उपलब्धि पर ए.एन. कॉलेज, पटना के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार झा और मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. अंजनी घोष ने डॉ. अशोक चौधरी को बधाई दी। शिक्षाविदों ने कहा कि IPSA में यह भूमिका मिलना बिहार के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने विश्वास जताया कि डॉ. चौधरी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का सफल प्रतिनिधित्व करेंगे।