गंगा के कटाव से बचाव के लिए मंत्री इं. कुमार शैलेंद्र ने अभियंता प्रमुख से की बात, तटबंधों की सुरक्षा के लिए दिए कड़े निर्देश

पटना में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और जल दबाव को देखते हुए पथ निर्माण मंत्री इं. कुमार शैलेंद्र ने तटबंधों को सुरक्षित रखने के लिए अभियंता प्रमुख को तत्काल सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए है....

गंगा में बढ़ते जलस्तर को लेकर मंत्री ने अभियंता प्रमुख सुरक्षा कदम उठाने के दिए निर्देश- फोटो : नरोत्तम कुमार

 Patna : पटना में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और जल दबाव को देखते हुए पथ निर्माण मंत्री इं. कुमार शैलेंद्र ने अभियंता प्रमुख (बाढ़) से दूरभाष पर बातचीत कर काजीकोरैया–राघोपुर तथा लत्तीपुर–नारायणपुर तटबंधों की स्थिति की समीक्षा की। मंत्री ने तटबंधों को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल सुरक्षात्मक कदमों के साथ-साथ दीर्घकालिक योजना बनाने के निर्देश दिए हैं।


नवगछिया क्षेत्र में बाईं ओर शिफ्ट हुई धारा, विक्रमशिला सेतु के अपस्ट्रीम में भारी दबाव

अभियंता प्रमुख (बाढ़) के अनुसार, गंगा की मुख्य धारा नवगछिया क्षेत्र में बाईं ओर स्थित तटबंधों की ओर शिफ्ट हो गई है। विशेषकर विक्रमशिला सेतु के अपस्ट्रीम में नदी की तेज धारा के कारण काजीकोरैया–राघोपुर मार्जिनल बांध पर लगातार दबाव बना हुआ है, जिसके चलते विभाग द्वारा चौबीसों घंटे (दिवा-रात्रि) बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराए जा रहे हैं।


राघोपुर बांध का 30 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त, पानी रोकने के लिए रिंग बांध का निर्माण शुरू

23 अगस्त की रात से अत्यधिक दबाव के बीच कार्य जारी था, लेकिन तेज कटाव के चलते 24 अगस्त को राघोपुर बांध-सह-रेलवे टैगिंग बांध का लगभग 30 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त भाग को कट-एंड-होल्ड किया जा रहा है और बैक-रोलिंग से हो रहे भूक्षरण को रोकने के लिए रिंग बांध का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। फिलहाल लगभग 22 हेक्टेयर भूमि में पानी फैला है, लेकिन किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई है।


250 श्रमिक और भारी मशीनरी तैनात, 2.5 लाख बालू भरे बोरे मौके पर उपलब्ध

तटबंध की सुरक्षा में 250 से अधिक श्रमिक लगातार जुटे हुए हैं। मौके पर 2.50 लाख बालू से भरे बोरे, 20 नाव, 30 ट्रैक्टर, 1 पोकलेन और 3 जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं। इसके अलावा मुख्यालय से दो विशेष टीमों को भी निगरानी के लिए स्थल पर प्रतिनियुक्त किया गया है।


बाढ़ अवधि के बाद मैथमेटिकल मॉडलिंग से बनेगा दीर्घकालिक सुरक्षा प्लान

मंत्री इं. कुमार शैलेंद्र ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तटबंधों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अभियंता प्रमुख ने आश्वस्त किया कि बाढ़ की अवधि समाप्त होने के बाद क्षेत्र की मैथमेटिकल मॉडलिंग कराई जाएगी और उसके निष्कर्षों के आधार पर तटबंधों की स्थायी व दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।


नरोत्तम की रिपोर्ट