सादगी की राह पर मंत्री प्रमोद कुमार: प्रधानमंत्री के आह्वान पर ट्रेन से शुरू की आधिकारिक यात्रा

Bihar News : पीएम मोदी की अपील का बड़ा असर दिखने को मिल रहा है। कई मंत्री और अधिकारी अपने गाड़ियों के काफिले में कमी की है। बिहार सरकार के मंत्री प्रमोद कुमार ने आज निजी वाहन की पटना से गयाजी का सफर ट्रेन से कर एक उदाहरण पेश किया....

ट्रेन से सफर करते मंत्री प्रमोद कुमार- फोटो : नरोत्तम कुमार

Patna : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन संरक्षण और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील का असर बिहार सरकार के मंत्रियों पर दिखने लगा है। इसी क्रम में बिहार के खनन एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद कुमार ने एक सराहनीय उदाहरण पेश किया है। वे अपने सरकारी तामझाम को छोड़ पटना जंक्शन से गया के लिए ट्रेन द्वारा रवाना हुए। मंत्री की इस सादगी ने राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा छेड़ दी है।


एक वाहन का कर रहे उपयोगफिजूलखर्ची पर लगाई लगाम 

मंत्री प्रमोद कुमार ने जानकारी दी कि जब से प्रधानमंत्री ने पेट्रोल और डीजल की बचत करने का आह्वान किया है, तब से उन्होंने अपने व्यवहार में बदलाव किया है। उन्होंने बताया कि वे अब केवल एक गाड़ी का उपयोग कर रहे हैं। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने गया जी की अपनी यात्रा के लिए सड़क मार्ग के बजाय रेल मार्ग को चुना ताकि ईंधन की बचत सुनिश्चित की जा सके।


जनप्रतिनिधि बनेंगे मिसाल तो जनता पर पड़ेगा प्रभाव 

अपनी इस पहल पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि स्वयं किसी नियम या अपील का पालन करते हैं, तो उसका गहरा असर जनमानस पर पड़ता है। उन्होंने माना कि नेताओं का आचरण समाज के लिए एक प्रेरणा होता है। मंत्री के अनुसार, यदि वे स्वयं संसाधनों की बचत करेंगे, तभी आम जनता को इसके लिए प्रोत्साहित करने का नैतिक अधिकार प्राप्त होगा।


काफिलों में कटौती की परंपरा की सराहना 

प्रमोद कुमार ने इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और अन्य नेताओं द्वारा अपने काफिलों में की गई कटौती का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री और सम्राट चौधरी जैसे नेताओं ने भी सुरक्षा और प्रोटोकॉल के वाहनों की संख्या घटाई है। यह कदम न केवल आर्थिक बचत की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे आम जनता को होने वाली ट्रैफिक की समस्याओं में भी कमी आती है।


बिहार की जनता से ईंधन बचाने की विशेष अपील 

ट्रेन से रवाना होने से पूर्व मंत्री ने बिहार की जनता से भी एक विशेष अपील की। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अपनी दैनिक जीवन शैली में पेट्रोल और डीजल की खपत को कम से कम करने का प्रयास करें। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से ही ऊर्जा संरक्षण और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा सकती है।


नरोत्तम की रिपोर्ट