Bihar News : राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शामिल हुए बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार, मनरेगा मजदूरी बढ़ाने और जीविका हाट के लिए की अतिरिक्त फंड की मांग
Bihar News : बिहार सरकार मंत्री श्रवण कुमार ने नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में भाग लिया। जहाँ उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की.....पढ़िए आगे
PATNA : बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने नई दिल्ली में दो दिवसीय (28 व 29 जून) आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में भाग लिया। इस सम्मेलन में भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री शामिल हुए और ग्रामीण समृद्धि को गति देने के लिए साझा रणनीति पर चर्चा की गई। ‘ग्रामोदय से राष्ट्रोदय’ थीम पर आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में गांवों के विकास को केंद्र में रखा गया। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। उन्होंने विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने में गांवों की अहम भूमिका को रेखांकित किया।
इस दौरान बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने केंद्र सरकार से पीएम आवास योजना और वीबी जी राम जी में कुछ अहम बदलाव को लेकर सुझाव दिए। पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत 61 लाख आवासों के लिए जल्द राशि जारी की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना में बीबी जी राम जी के तहत मजूदरी भी दी जाए। ठीक उसी तरह जैसे पीएम आवास योजना में प्रदान की जाती है। पीएम आवास योजना 2015 से लागू है, इसके तहत बने आवासों की मरम्मति के लिए केंद्र सरकार अतिरिक्त राशि प्रदान करे। इसके अलावा वीबी जी राम जी योजना में मजदूरी की दर देशभर में एक हो। हरियाणा में इसकी दर 400 रुपए, केरल में 346 रु, गोवा में 356 रु, कर्नाटक में 349 रु, पंजाब में 322 और तमिलनाडु में 319 रु में है। जबकि बिहार में सबसे कम 255 रु मजदूरी है, जिसे एक समरूप करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासन में मुख्यमंत्री आवास योजना शुरू हुई है। मंत्री ने राज्यों को अधिक अधिकार देने की वकालत करते हुए कहा कि प्रशासनिक मद में दो लाख से बढ़कर चार लाख राशि की जाए। उन्होंने कहा कि जीविका दीदी के बनाए उत्पादों की बिक्री के लिए समुचित मार्केटिंग की व्यवस्था की जाए। इसके तहत नालंदा, बोधगया, राजगीर, वैशाली, बक्सर, केसरिया, विक्रमशिला में तैयार हो रहे हाट के लिए अतिरिक्त राशि दी जाए और इन्हें दिल्ली के ग्रामीण हाट की तर्ज पर विकसित कराया जाए। इसके लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता की जरूरत है।
इस सम्मेलन में बिहार ने राष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत राज्य की ऑन-साइट जियो-टैगिंग पहल को देश की श्रेष्ठ प्रक्रियाओं में शामिल करते हुए सराहा गया। इस पहल ने ग्रामीण आवास योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ग्रामीण विकास योजनाओं की उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा करते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि बिहार सरकार ने कई परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया है। उन्होंने वर्ष 2015 से पहले बने मकानों की मरम्मत की आवश्यकता पर भी जोड़ दिया।
बिहार सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि राज्य सरकार जमीनी स्तर पर शासन व्यवस्था को मजबूत करने, आजीविका के अवसरों का विस्तार करने और ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर बिहार की भागीदारी केंद्र और राज्यों के साझा संकल्प को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य एक विकसित और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत का निर्माण करना है।